बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम ‘वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ होगा!
इस प्रकार एक-एक राज्य के एक-एक विश्वविद्यालय, गाँव एवं शहर का नाम बदलने में समय लगाने के स्थान पर, एक ही बार में यह घोषित कर दिया जाना चाहिए कि ‘यह देश हिंदुओं का है। यहाँ हिंदू परंपराओं को ही प्राथमिकता दी जाएगी’ एवं नाम बदलने का अभियान हाथ में लिया जाना चाहिए। निश्चित रूप से, ऐसा होने के लिए ‘हिंदू राष्ट्र’ की ही आवश्यकता है!