आषाढी वारी में श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं होगी, इसकी चिंता करें – देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री

  • वारी के लिए सभी विभागों द्वारा सुविधाओं की व्यापक सिद्धता ।

  • ‘डिस्कवरी’ तथा ‘ज्योग्राफी’ दूरदर्शन वाहिनियों (चैनलों) द्वारा वारी समारोह विश्वभर में पहुंचेगा ।

बैठक में बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ।

मुंबई –आषाढी वारी वारकरी संप्रदाय की श्रद्धा तथा महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण समारोह है । इस वर्ष की वारी में लाखों श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभागों के समन्वय से व्यापक नियोजन किया जाए । वारी का उपक्रम ‘डिस्कवरी’ तथा ‘ज्योग्राफी’ जैसी दूरदर्शन वाहिनियों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर पहुंचाया जाएगा, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा । विधानभवन में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में तीर्थक्षेत्र पंढरपुर की आषाढी एकादशी के संदर्भ में पूर्वसिद्धता की समीक्षा बैठक संपन्न हुई । उस समय वे बोल रहे थे ।

बैठक में सिद्ध किया गया विशेष चित्र ।

इस बैठक में सोलापुर जिले के पालकमंत्री जयकुमार गोरे, सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा पालकी समारोह के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित थे ।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘‘इस वर्ष की वारी के लिए पालकी मार्ग के मार्गों की बडे स्तर पर मरम्मत तथा सुदृढीकरण किया गया है, साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से विविध विकास कार्य पूर्ण किए गए हैं । इससे पालकी मार्ग की यात्रा अधिक सुरक्षित एवं सुगम होगी । वारकरियों के विश्रामस्थलों पर व्यापक रूप से ‘जर्मन हैंगर’ (विशाल मंडप) स्थापित किए गए हैं तथा संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर महाराज, जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज, एवं अन्य पालकियों के विश्रामस्थलों पर भी ‘जर्मन हैंगर’ की व्यवस्था की गई है । इससे लाखों वारकरियों को सुरक्षित एवं प्रशस्त आवास की सुविधा उपलब्ध होगी ।’’ पालकी समारोह के प्रमुखों द्वारा की गई विविध मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दिया ।

वारी समारोह पारंपरिक पद्धति से ही मनाया जाए – मुख्यमंत्री

‘डीजे’ (उच्च ध्वनि वाले यंत्र) मुक्त वारी समारोह के लिए पुलिस प्रशासन सभी से चर्चा करके प्रयास करे । वारी समारोह पारंपरिक पद्धति से ही मनाया जाना चाहिए, ऐसा भी मुख्यमंत्री ने कहा ।