कोरोना प्रतिबंधक टीके फेंकने के प्रकरण में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का गंभीर दृष्टिकोण !

प्रतिभू (जमानत) आवेदन का विरोध करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि २ विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इस प्रकरण की जांच की है । इस जांच में पाया गया कि परिचारिका ने जानबूझकर कोरोना की बहुमूल्य २९ डोस फेंकी है ।

केरल में मुसलमान और ईसाइयों को दिए गए अल्प संख्यक दर्जे पर पुनर्विचार होना चाहिए ! –  केरल उच्च न्यायालय में याचिका

ऐसी याचिका क्यों प्रविष्ट करनी पडती है, सरकार यह स्वयं क्यों नहीं करती ?