बलात्कार पीडिता पर अन्याय करनेवाला गुवाहाटी उच्च न्यायालय का निर्णय !

सच में तो घृणास्पद अभियोगवाले अभियुक्त को प्रतिभू न मिले तथा उसे अधिक से अधिक कडा दंड मिले, इसके लिए शासन आगे आए और सर्वाेच्च न्यायालय में जाकर पीडिता के अधिकारों की रक्षा करे ।

अलीगढ (उत्तर प्रदेश) के मदरसे में, ६ वर्ष के बच्चे को लोहे की जंजीर से बांधने की घटना उजागर !

यहां के एक मदरसे में ६ वर्ष के बच्चे को लोहे की मोटी जंजीर से बांधने तथा ४ बच्चों के हाथों में हथकडी लगाए जाने का वीडियो सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित हो गया है ।

कोरोना प्रतिबंधक टीके फेंकने के प्रकरण में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का गंभीर दृष्टिकोण !

प्रतिभू (जमानत) आवेदन का विरोध करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि २ विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इस प्रकरण की जांच की है । इस जांच में पाया गया कि परिचारिका ने जानबूझकर कोरोना की बहुमूल्य २९ डोस फेंकी है ।

अलगाववादी नेता सैयद गिलानी का शव पाकिस्तानी झंडे में लपेटने के कारण अपराध प्रविष्ट !

देशभक्तों को लगता है, कि सरकार को केवल अपराध प्रविष्ट न कर, ऐसे लोगों को तत्काल बंदी बनाकर, उन्हें मृत्युदंड देने का प्रयत्न करना चाहिए !

मदरसों के लिए चंदा इकट्ठा करने के नाम पर चोरी करनेवाला मुसलमान गिरफ्तार !

देश में अल्पसंख्यक; परंतु अपराध के क्षेत्र में बहुसंख्यक मुसलमान !

उत्तर प्रदेश में न केवल मुसलमान, अपितु हिन्दू तालिबानी भी हैं ! – उर्दू कवि मुनव्वर राणा

क्या हिन्दू आतंकवादी होने का एक भी उदाहरण है, मुनव्वर राणा के पास ? इसके विपरीत, मुसलमान आतंकवादी हैं, इसे प्रमाणित करने की भी आवश्यकता नहीं है ! – संपादक

जनप्रतिनिधियों का विधिमंडल में आचरण और न्यायसंस्था की सजगता !

हाल ही में महाराष्ट्र में दो दिवसीय वर्षाकालीन अधिवेशन हुआ । सभापति को गालियां देना और धमकियां देना आदि घटनाएं घटित हुईं । इसलिए सभापति ने विरोधी दल के १२ विधायकों की सदस्यता एक वर्ष के लिए निलंबित की ।

तिरुवत्तूर (तमिलनाडु) में एक विवाहित महिला के साथ सामूहिक बलात्कार कर, चित्रीकरण करने के आरोप में सत्तारूढ द्रमुक कार्यकर्ताओं के साथ एक पादरी के विरुद्ध भी अपराध प्रविष्ट !

पुलिस ने यहां वीयन्नूर गांव में रहने वाली एक विवाहित महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने और उसका चित्रीकरण करने संबंधी प्रकरण प्रविष्ट किया है ।

विधायकों को सभागृह में गुनाह करने की छूट नहीं ! – उच्चतम न्यायालय की ओर से केरल सरकार की खिंचाई 

वर्ष २०१५ में केरल विधानसभा में दंगा करने वाले विधायकों के विरुद्ध कार्यवाही करने का मामला
विधायकों पर अनुशासन हीनता की कार्यवाही वापस लेने की केरल सरकार की याचिका निरस्त !
आरोपी विधायकों के विरोध में मुकदमा चलेगा !