ऐसी याचिका क्यों प्रविष्ट करनी पडती है, सरकार यह स्वयं क्यों नहीं करती ?

कोची (केरल) – केरल में मुसलमान और ईसाइयों को दिए जाने वाले ‘अल्पसंख्यक’ दर्जे पर पुनर्विचार करने का आदेश राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को देना चाहिए, ऐसी मांग करने वाली याचिका केरल उच्च न्यायालय में प्रविष्ट की गई है । ‘सिटिज़ेन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेसी, इक्वेलिटी, ट्रांकिलिटी एंड सेक्युलेरिज्म़’ (कॅडेट्स) इस संघठन ने यह याचिका प्रविष्ट की है । इस संघठन ने कहा है कि, केरल में मुसलमान और ईसाइयों की सामाजिक, आर्थिक और शिक्षा क्षेत्र में व्यापक प्रगति हुई है ।
Centre To Redetermine Minority Status Of Muslims And Christians In Kerala: PIL Before High Court @hannah_mv_ https://t.co/NBx7wHoICT
— Live Law (@LiveLawIndia) July 22, 2021
इस कारण उन्हें दिए गए अल्पसंख्यक दर्जे पर पुनर्विचार होना आवश्यक है । उन्हें कोई भी विशेष सुविधा नहीं देनी चाहिए । राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को राज्य के इन दोनों धर्मों के नागरिकों की प्रगति का मूल्यांकन करने का आदेश देना चाहिए ।
यदि मुसलमान अपने पूर्वजों की परंपराओं को स्वीकार करें, तो उन्हें हिन्दू राष्ट्र में किसी प्रकार का कोई संकट नहीं होगा ! – Yogrishi Ramdev baba
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