कोरोना प्रतिबंधक टीके फेंकने के प्रकरण में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का गंभीर दृष्टिकोण !

प्रतिभू (जमानत) आवेदन का विरोध करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि २ विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इस प्रकरण की जांच की है । इस जांच में पाया गया कि परिचारिका ने जानबूझकर कोरोना की बहुमूल्य २९ डोस फेंकी है ।

कोरोना के उपचार में प्रभावी है आयुर्वेदिक औषधि, ‘अणु तेल’ ! – नेशनल मेडिसिनल प्लांट बोर्ड

आयुर्वेद में अणु तेल को नाक में डालने की विधि हजारों वर्षों से चली आ रही है । आधुनिक विज्ञान भी यही कह रहा है । यह आयुर्वेद के महत्व को दर्शाता है !-

कोरोना की तीसरी लहर की आनेवाला संभावना अल्प !

भारतीय चिकित्सकीय शोध परिषध के (आई.सी.एम.आर. के) पूर्व वैज्ञानिक डॉ. रमन गंगाखेडकर का दावा !

कोरोना के कारण मृत हुए लोगों के मृत्यु प्रमाणपत्र पर उल्लेख होगा !

भारत सरकार ने उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत किया प्रतिज्ञापत्र

वैक्सीन के दोनो डोज़ लेने पर भी दिसंबर २०२२ तक मास्क पहनना आवश्यक ही है ! – स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मत

महामारी रोगों के विशेषज्ञ डॉ. विश्वास मोंडे ने कहा कि, ७० प्रतिशत जनसंख्या का वैक्सीनेशन होना चहिए । अभी वैक्सीनेशन की जो गति है, उसे देखते हुए इस लक्ष्य को पाना कठिन दिख रहा है ।

कोरोना का छद्म परीक्षण ब्योरा प्रस्तुत करने के  प्रकरण में ७ धर्मांध गिरफ्तार !

देश में ऐसा एक भी आपराधिक कृत्य नहीं है, जो धर्मांध नहीं करते !

कोरोना पर काबू पाने के उपरांत भी वर्ष भर बने रहते हैं उसके लक्षण ! – शोध का निष्कर्ष

अध्ययन के अनुसार, चिकित्सालय में भर्ती किए गए कोरोना रोगियों में ४९ प्रतिशत रोगियों में लगभग एक वर्ष तक कोरोना के लक्षण देखे गए । यह मेडिकल जर्नल, “द लैंसेट” की प्रकाशित नवीन प्रतिवेदन के निष्कर्ष में कहा गया है ।

भारत में कोरोना समाप्त होने की स्थिति में आ गया है ! – विश्व स्वास्थ्य संघठन की मुख्य विशेषज्ञ डॉ. सौम्या स्वामीनाथन का मत

भारत में कोरोना समाप्त होने की स्थिति में आ गया है । इस स्तर पर कम या मध्यम स्तर पर रोग का प्रसार चालू रहता है । लोग जब वायरस के अनुकूल हो जाते हैं, उस समय यह स्थिति आती है ।

सामूहिक टीकाकरण के कारण तीसरी लहर के प्रभाव का अनुभव नहीं होगा

आई.आई.टी. कानपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रा. मणिंद्र अग्रवाल का दावा ।
उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे राज्य अक्टूबर तक कोरोना संक्रमण से मुक्त हो जाएंगे ।