इस्लाम की कट्टरपंथी विचारधारा से ऊबकर पत्नी एवं बच्चों के साथ स्वीकार किया सनातन धर्म ।
बेहडी गांव में रहनेवाले ४० वर्षीय शहजाद ने अपनी पत्नी एवं बच्चों के साथ सनातन धर्म को स्वीकार किया । शहजाद का नया नाम ‘शंकर’ रखा गया है ।
बेहडी गांव में रहनेवाले ४० वर्षीय शहजाद ने अपनी पत्नी एवं बच्चों के साथ सनातन धर्म को स्वीकार किया । शहजाद का नया नाम ‘शंकर’ रखा गया है ।
आज से ३५० वर्ष पूर्व, अर्थात १९ जून १६७६ के दिन छत्रपति शिवाजी महाराज ने पराक्रमी सेनापति नेताजी पालकर का ‘शुद्धीकरण’ कर उन्हें पुनः हिन्दू धर्म में सम्मानपूर्वक प्रवेश दिलाया था ।
जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी महाराज के प्रेरणादायक विचारों से प्रभावित होकर इन भाईयों ने शास्त्रोक्त अनुष्ठान एवं वैदिक मंत्रोच्चारण में स्वधर्म को स्वीकार किया ।
सहस्रो हिन्दुओं को हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश देने के लिए कार्य करने से मिला पुरस्कार ।
‘धर्म जागरण समन्वय विभाग, ओडिशा’ के नेतृत्व में आयोजित समारोह में पारंपरिक विधियों, मंत्रोच्चार तथा पादप्रक्षालन के माध्यम से उनका हिन्दू धर्म में स्वागत किया गया ।
जैसा अन्य समय पर करते हैं, वैसे धर्मनिरपेक्षतावादी इस घटना का उपयोग कर ‘यह धर्मनिरपेक्षता का आदर्श है’, इसप्रकार से प्रचार नहीं करते, इसे ध्यान में लें !
ओल्ड गोवा के वायंगणी, तिसवाडी स्थित श्री देव गोवेश्वर महाशिव मंदिर के कलशारोहण एवं प्राणप्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में १४ फरवरी को ३०० परिवारों ने हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश किया । इस समारोह में पूरे देश के अनेक अखाडों के संत-महंत उपस्थित थे ।
देशव्यापी ‘घरवापसी अभियान’ चलाने हेतु २५ से अधिक संगठन एकत्र
भारत में रहने वाले मुसलमान भी हिन्दू ही हैं, वे किसी अरब देशों से नहीं आए हैं । उनकी भी ‘घरवापसी’ (हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश) करनी है; परंतु यह कार्य धीरे-धीरे होगा, ऐसा वक्तव्य प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने यहां किया ।
महंगाई के विरुद्ध ईरान में चल रहा आंदोलन अब इस्लाम-विरोधी रुख तक पहुंच गया है । वहां के मुसलमान लोग अपनी सांस्कृतिक पहचान को मूल पारसी धर्म से जोडने लगे हैं । भारत में यह पहचान सनातन धर्म के रूप में प्रस्तुत की जा रही है ।