अयोध्या, काशी एवं मथुरा में मंदिरों की मुक्ति के लिए हो रही न्यायालयीन लडाई !

सर्वाेच्च न्यायालय का निर्णय काशी, मथुरा, ‘वक्फ कानून’ एवं ‘प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट’ का केंद्रबिंदु है । सर्वाेच्च न्यायालय ने ११६ एवं ११७ इन सूत्रों में कहा है, ‘ऐतिहासिक दृष्टि से मंदिर होगा और उसे तोडा गया हो, तो वह मंदिर बनाने का संकल्प अभेद्य है ।’

उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से उत्तर मांगा !

पिछले ५० वर्षों से इस विषय में कुछ भी न करने वाली सभी पार्टियों की सरकार के लिए यह लज्जास्पद !

देश के ७७५ में से १०२ जिलों में हिन्दू अल्पसंख्यक !

हिन्दुओं को जिलावार अल्पसंख्यक घोषित कर दिया जाए, तो उन्हें अनेक योजनाओं का लाभ मिल सकता है !

‘बार काउन्सिल ऑफ इंडिया’ ने पोशाक के विषय में अभ्यास करने के लिए बनाई समिति !

अधिवक्ता जो बैंड लगाते हैं, उसे ईसाई देशों में ‘प्रिचिंग बैंड’ कहा जाता है । ईसाई धर्मगुरु धार्मिक प्रवचन देते समय यह बैंड प्रयोग करते हैं । ये बैंड ईसाई धर्म का धार्मिक चिह्न हैं । इसलिए, वह अधिवक्ताओं को परिधान करने को बताना विधिसम्मत नहीं है ।

जम्मू-कश्मीर स्थित रोहिंग्या तथा बांग्लादेशी घुसपैठियों के संदर्भ में ठोस नीति निश्चित करें !

न्यायालय को यह क्यों बताना पडता है? घुसपैठियों की समस्या अनेक वर्ष पुरानी होते हुए भी राज्य प्रशासन द्वारा ठोस नीति अपनाकर अबतक उन्हें देश निकाला क्यों नहीं दिया गया ?

प्रधानमंत्री इमरान खान के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव निरस्त !

विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार शाहबाज शरीफ ने कहा कि, “संसद में अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में मतदान नहीं करना, संविधान का उल्लंघन है ।”

हिजाब परिधान किए छात्राओं को परीक्षा की अनुमति देनेवाले ७ शिक्षकों का निलम्बन !

अब इस कारवाई के विरुद्ध छाती पीटनेवाले, धर्मांध छात्राओं के शैक्षणिक संस्थाओं में हिजाब न पहनने के उच्च न्यायालय के आदेश का उलंघन करने के प्रकरण में, एक शब्द भी बोलेंगे नहीं, यह ध्यान रखे !

तमिलनाडू सरकार द्वारा वानियार समाज को दिया हुआ आरक्षण सर्वाेच्च न्यायालय ने किया अमान्य !

संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने केवल १० वर्षाें के लिए आरक्षण की सूचना दी थी । तब भी अब तक आरक्षण क्यों दिया जा रहा है, सर्वदलीय शासनकर्ता इसका उत्तर दें !

रशिया-यूक्रेन के युद्ध पर बोलनेवाले कश्मीर में हिन्दुओं पर हुए अत्याचारों पर क्यों नहीं बोलते ? – प्रा. रेणुका धर बजाज, देहली विश्वविद्यालय

३२ वर्ष पूर्व भारत के एक राज्य में हिन्दुओं के साथ क्या हुआ ?, यह भारतीयों को अभी तक यह ज्ञात नहीं हैै । वास्तव में, भारत के हिन्दुओं ने कश्मीरी हिन्दुओं के लिए कुछ नहीं किया; इसलिए अब तो हिन्दुओं को जागृत होकर कश्मीरी हिन्दुओं को न्याय दिलाना चाहिए ।

हिजाब संबंधी निर्णय के समय कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा रखे गए विविध पहलू एवं निर्णय के विषय में धर्मांध नेताओं द्वारा व्यक्त प्रतिक्रियाएं !

कश्मीर की ‘पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी)’ की प्रमुख तथा पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट करके कहा है कि हिजाबबंदी जारी रखने का कर्नाटक उच्च न्यायालय का निर्णय अत्यंत निराशाजनक है । यह केवल धर्म का नहीं; अपितु चुनाव की स्वतंत्रता का विषय है ।