यदि मंदिर में आने वाले अति महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों के आने के कारण भक्तों को कष्ट होता है, तो भगवान उन्हें क्षमा नहीं करेंगे ! – मद्रास उच्च न्यायालय

यह तथ्य न्यायालय को क्यों बताना पड रहा है ? इसे अति महत्त्वपूर्ण व्यक्ति एवं मंदिर प्रशासन स्वयं क्यों नहीं समझते ?

हिजाबप्रतिरोध पर कर्नाटक उच्च न्यायालय सहमत !

मुख्य न्यायाधिश रितुराज अवस्थी जी ने निर्णय देते हुए कहा कि, “यह निर्णय दो बातों पर लिया है । प्रथम, हिजाब पहनना, यह संविधान की धारा २५ अन्तर्गत धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की क्ष्रेत्र में आता है क्या ? और दूसरी यह कि, विद्यालयों का पोशाक अनिवार्य करना, यह उस अधिकार के विरोध में है क्या ?”

बांग्लादेश के चिकित्सकीय महाविद्यालय में सभी धर्माें की छात्राओं को हिजाब पहनना अनिवार्य !

यह फतवा तो बांग्लादेश के सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन होने का हिन्दू संगठनों का दावा भारत सरकार को इस प्रकरण में हस्तक्षेप कर बांग्लादेश को इस निर्णय को बदलने पर बाध्य बनाना चाहिए, यही हिन्दुओं को लगता है ! – संपादक कर्नाटक के हिजाबविरोधी आंदोलन से भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन … Read more

असम सरकार का मदरसों में दी जानेवाली शिक्षा बंद करने का साहसिक निर्णय !

१. असम सरकार द्वारा मदरसों में दी जानेवाली धार्मिक शिक्षा के स्थान पर वहां विद्यालयों के विषयों को सिखाने का कानून बनाया जाना      ‘पिछले कुछ वर्षों से असम में हिन्दू एवं राष्ट्र प्रेमी सरकार सत्ता में है । वहां के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने राष्ट्र की एकता … Read more

मथुरा स्थित ईदगाह मस्जिद को ‘श्रीकृष्णजन्मभूमि’ घोषित करने की मांग करने वाली याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय पुन: सुनवाई करेगा !

वर्ष २०२१ में न्यायालय ने याचिका नकार दी थी !

गत २५ वर्षों से पाकिस्तान के कारागृह में बंद, भारत के सैन्य अधिकारी के पुत्र की मुक्ति के लिए, वयोवृद्ध मां ने उच्चतम न्यायालय से की याचना !

यह एक अक्षम्य अपराध होगा, यदि भारत सरकार ने गत २५ वर्षों से पाकिस्तान में बंदी बनाए गए भारतीय सेना के एक अधिकारी को मुक्त कराने का कोई प्रयास नहीं किया ।

कुलभूषण जाधव के लिए अधिवक्ता नियुक्त करने की भारत को अवसर देना चाहिए ! – इस्लामाबाद उच्च न्यायालय का पाकिस्तान सरकार को निर्देश

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के निर्णयानुसार कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा के विरोध में अपील करने के लिए १३ अप्रैल २०२२ तक एक अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए भारत को और एक अवसर देना चाहिए

हिजाब पहनने की मांग और उसके पीछे स्थित राष्ट्रद्रोही षड्यंत्र !

कर्नाटक के विद्यालय-महाविद्यालय आजकल स्वधर्म का वर्चस्व दिखानेवाली प्रयोगशालाएं बन गई हैं । ‘मुसलमान छात्राओं की हिजाब पहनेने की मांग उनका हठ है अथवा जिहाद का एक भाग है ?’, इसकी शंका होती है । इन विद्यालयों से धार्मिक कट्टरतावाद का बीज बोया जा रहा है ।

‘लव जिहाद’ में फंसी हिन्दू महिलाओ, क्या आपको इस्लामी कानूनों के विषय में यह ज्ञात है ?

कई बार ऐसा दिखाई देता है कि मुसलमान से प्रेम करनेवाली हिन्दू महिला पहले अपना धर्म बदलती है । किसी मौलवी के पास ले जाकर उसका धर्मांतरण किया जाता है । उससे कोई सत्य प्रतिज्ञापत्र लिया जाता है, जिस पर लिखा होता है, ‘मैं अपनी इच्छा से धर्म बदल रही हूं और मेरे माता-पिता के पास जाने की मेरी इच्छा नहीं है ।