देश के मंदिरों के लिए एक स्वतंत्र ‘सनातन संरक्षण मंडल’ या समिति का गठन किया जाना चाहिए ! – Shankaracharya Sadanand Saraswati
श्रीराम मंदिर में दान की चोरी के संबंध में शंकराचार्य सदानंद सरस्वती की मांग
श्रीराम मंदिर में दान की चोरी के संबंध में शंकराचार्य सदानंद सरस्वती की मांग
क्या इससे यह बार-बार प्रमाणित नहीं होता कि तृणमूल कांग्रेस गुंडों एवं राष्ट्रविरोधी तत्वों से भरी हुई पार्टी है ? क्या सरकार अब भी ऐसे दल पर प्रतिबंध लगाएगी ?
गुंडा प्रवृत्ति वाले लोगों से भरी कांग्रेस जनता को कानून का शासन क्या दे पाएगी ?
धन लेकर बांग्लादेशी घुसपैठियों का समर्थन करना, यह राष्ट्रद्रोह ही है । पुलिस बल के लिए कलंक रूप ऐसे पुलिसकर्मियों को सेवामुक्त करना अथवा आजीवन कारावास में डालना, ऐसी कठोर दंड क्यों नहीं होना चाहिए ?
२१ जून को ‘नीट-यूजी’ की पुनर्परीक्षा की पृष्ठभूमि में प्रशासन ने प्रश्नपत्रिका निर्माण करने वाले सभी विशेषज्ञों को अज्ञात स्थानों पर रखा है एवं यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उनका किसी से भी संपर्क न हो।
ऐसे लोगों से धन वसूल करने के साथ उनके विरुद्ध अपराध पंजीकृत करके उन्हें कारागृह में डालना चाहिए !
न्याय व्यवस्था में भ्रष्टाचार हो रहा है तथा इस वास्तविकता से कोई भी मुंह नहीं मोड सकता । इसलिए न्यायाधीशों को गायों की तरह पवित्र मानने की आवश्यकता नहीं है, ऐसी टिप्पणी मद्रास उच्च न्यायालय ने की ।
अब हिन्दुओं के मंदिरों का नियंत्रण भक्तों को सौंपने का समय आ गया है, यह इस घटना से ध्यान में आ रहा है तथा इसके लिए भक्तों को राष्ट्रीय स्तर पर संगठित होकर सरकारों को बाध्य करना चाहिए
महाराष्ट्र के पश्चात शीघ्र ही अन्य राज्यों में भी छापेमारी की जाएगी । राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी’) के अंतर्गत कर्मचारियों के अतिरिक्त कुछ बाहरी प्रभावशाली व्यक्तियों की भी इसमें संलिप्तता होने का संदेह है ।
बंगाल में कुछ दिन पूर्व ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम अत्यंत आश्चर्यजनक रहे हैं । यहां की जनता में कई वर्षों से भय का वातावरण था, जिसे भाजपा ने प्रभावी रूप से तोडा ।