हरदोई (उत्तरप्रदेश) में धर्मांधों ने ३ मीटर तक तटबंध तोडा !

इससे पहले असम में धर्मांधों द्वारा बांध तोडने के कारण आई बाढ से १ लाख लोग प्रभावित हुए थे । अब वैसी ही घटनाएं देश में अन्यत्र करने के लिए धर्मांध प्रयत्न कर रहे हैं । यह भविष्य में आनेवाले बडे संकट की चेतावनी है । इस विषय में देश के निधर्मीवादी क्या मुंह खोलेंगे ?

अजमेर दरगाह का सेवक (खादीम) गौहर चिश्ती ने रचा था अजमेर एवं उदयपुर में दंगे करवाने का षड्यंत्र !

हिन्दुओं को अजमेर दरगाह के सेवकों की खरी पहचान हो जाने से उन्होंने दरगाह में जाना बंद करना आरंभ कर दिया है । अब इसमें सातत्य रखने की आवश्यकता है ! इसके साथ ही अन्यत्र के हिन्दुओं को भी इसका विचार करना चाहिए !

पटियाला (पंजाब) के कालीमाता मंदिर की भीत (दीवार) पर चिपकाए गए खलिस्तान के समर्थन में भित्तिपत्रक (पोस्टर्स) !

पंजाब में खलिस्तानवादियों की गतिविधियां दिनोंदिन बढती जा रही हैं । इस ओर केंद्र सरकार को शीघ्र से शीघ्र ध्यान देकर कठोर उपाययोजना करनी अत्यंत आवाश्यक है !

गुजरात दंगे के उपरांत भाजपा की सरकार गिराने के लिए कांग्रेस के स्व. नेता अहमद पटेल ने षड्यंत्र रचा था !

गुजरात दंगे के प्रकरण में अनेक लोगों को अनुचित पद्धति से फंसाने के आरोप में कर्णावती पुलिस के अपराध दल ने २ व्यक्तियों को कुछ दिन पूर्व ही बंदी बनाया है, जिनमें सेटलवाड भी सिम्मिलित हैं ।

उदयपुर (राजस्थान) में मुसलमानों द्वारा एक हिन्दू का शिरच्छेद

मुसलमानों को भीड द्वारा मारे जाने पर हिन्दुओं को असहिष्णु कहनेवाले धर्मनिरपेक्षतावादी और आधुनिकतावादी अब कहां हैं ? ऐसी घटनाओं का होना हिन्दू राष्ट्र के निर्माण को अपरिहार्य बना देता है !

अमरावती के वैद्यकीय व्यावसायिक की निर्मम हत्या के संबंध में ६ कट्टरपंथियों को पकडा

हत्याकांड के कट्टरपंथियों को शरीयत कानून के अंतर्गत हाथ-पैर तोडने की या भरे चौक में बांधकर उनपर पत्थर फेंकने की सजा की कोई मांग करे, तो आश्चर्य न होगा !

दंगों के अपराधियों की गिरफ्तारी !

जब हिन्दुओं और हिन्दुत्व के लिए प्रतिकूल समय था, तब अनेक राष्ट्रविरोधी शक्तियों ने उसमें अपने हाथ धो लिए । अब उसका दंड भुगतने का समय आ गया है; क्योंकि आज के समय में हिन्दुओं, हिन्दुत्व और हिन्दू राष्ट्र के लिए अनुकूल समय बडी तीव्र गति से आ रहा है ।

समाजविघातक प्रवृत्तियों के घर पर ही नहीं; अपितु जिहादी विचारधारा पर भी बुलडोजर चलाना पडेगा – विनोद बंसल, राष्ट्रीय प्रवक्ता, विहिंप

‘राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल नामक हिन्दू युवक की जिहादियों ने निर्मम हत्या कर दी । यह कोई सामान्य घटना नहीं है, अपितु इस देश के सार्वभौमत्व के साथ ही यहां के सभ्य समाज, संविधान एवं लोकतंत्र पर किया गया आक्रमण ही है ।

उत्तरप्रदेश में पुलिस उपनिरीक्षक वसी अहमद ने हिन्दू लडकी पर किया ३ वर्ष बलात्कार

उत्तरप्रदेश में लव जिहाद कानून अस्तित्व में है; परंतु वहां की मुसलमान पुलिस ‘लव जिहादी’ होने से वही हिन्दू लडकियों को यदि फंसा रही हो, तो हिन्दू युवतियां किससे न्याय मांगें ? ऐसी पुलिस को फांसी का दंड देने की मांग हिन्दू यदि करे तो इसमें अनुचित क्या है ?

मनमाने और बिना सोचे-समझे बंदी बनाना औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाती हैं ! – सर्वोच्च न्यायालय

आरोपी के नियमित प्रतिभूती (जमानत) के पत्र पर २ सप्ताह के भीतर तथा अंतरिम आवेदन पर ६ सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाए । राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को किसी को भी बंदी बनाने से पूर्व भारतीय दंड संहिता की धारा ४१ और ४१ए का पालन करने का निर्देश दिया गया है ।