Gujarat ATS : भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से पूर्व गुजरात में ५ आतंकवादियों को बंदी बनाया
आज भी भारत में हिन्दुओं की धार्मिक यात्राएं जिहादी आतंकवाद के साये में आयोजित होती हैं, यह सभी दलों की सरकारों के लिए लज्जास्पद है !
आज भी भारत में हिन्दुओं की धार्मिक यात्राएं जिहादी आतंकवाद के साये में आयोजित होती हैं, यह सभी दलों की सरकारों के लिए लज्जास्पद है !
२६ जुलाई २००८ को यहां निरंतर हुए २२ बम विस्फोटों के प्रकरण में विशेष कनिष्ट न्यायालय के चार वर्ष पुराने निर्णय को गुजरात उच्च न्यायालय ने अविचल रखा है ।
गुजरात उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए गोमांस के साथ पकडे गए आरोपी मोहम्मद आरिफ की जमानत याचिका निरस्त कर दी कि गाय हिन्दुओं के लिए पवित्र है तथा उसकी हत्या से हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं ।
एक हिन्दू महिला द्वारा ‘आरिफ’ नामक व्यक्ति पर ‘वीर’ जैसी झूठी पहचान बताकर उसके साथ दुष्कर्म करने, साथ ही विवाह करने का आरोप ।
पूर्व काल में मुस्लिम आक्रांताओं द्वारा हिन्दू मंदिरों को ध्वस्त कर वहां मस्जिदों के निर्माण की असंख्य घटनाएं घटित हुई हैं। उस दृष्टि से इस मस्जिद का भी सर्वेक्षण होकर सत्य जनता के समक्ष आना ही चाहिए !
इस प्रकार मुसलमानों की भीड द्वारा हिन्दुओं के ग्राम पर आक्रमण होने से प्रश्न उठता है कि कच्छ भारत में है अथवा पाकिस्तान में ? राज्य में भाजपा की सरकार होते हुए ऐसा होना हिन्दुओं को अपेक्षित नहीं है !
गुजरात में पिछले ३ दशकों से अधिक समय से भाजपा की सत्ता होने के उपरांत भी, ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है ! अब तक सरकार द्वारा इन दुकानों पर कार्रवाई की जानी अपेक्षित थी !
मालवीय नगर पुलिस थाने के निकट स्थित एक हनुमान मंदिर को भी ध्वस्त करने का सूचना-पत्र (नोटिस) दिया गया था; परंतु इसकी सूचना मिलते ही स्थानीय निवासी तथा युवा अत्यधिक संख्या में मंदिर के बाहर एकत्रित हो गए ।
पुलिस ने धर्मेश के मुसलमान हत्यारे को बंदी बनाया है तथा इस प्रकरण में अन्य संदिग्धों की पकडना आरंभ किया है ।
हिन्दुओं से अनुरोध : अपने जिम में केवल हिन्दू ट्रेनर ही रखें ! साथ ही हिन्दू युवतियों एवं महिलाओं को भी उनके माता-पिता द्वारा केवल ऐसे ही जिम में जाने के लिए कहा जाना चाहिए जहां हिन्दू ट्रेनर हों !