ग्राहक मंच ने डाबर प्रतिष्ठान को ७० सहस्र रुपए का आर्थिक दंड सुनाया ।

शिमला (हिमाचल प्रदेश) – हिमाचल प्रदेश के ग्राहक मंच ने पैकेट बंद फलों के रस में (जूस में) काला फफूंद मिलने से तथा उसके कारण उपवास का व्रत टूटने से ग्राहक को ७० सहस्र रुपए की क्षतिपूर्ति करने का आदेश दिया ।
क्या है यह प्रकरण ?
२६ जुलाई २०२४ को ग्राहक ने श्रावणमास के उपवास के समय उपवास के समय डाबर प्रतिष्ठान द्वारा उत्पादित ‘रियल फ्रूट पॉवर मौसमी, यह १ लीटर का पैकेट बंद जूस खरीदा था । जूस पीते समय ग्राहक को उसका स्वाद कुछ अलग एवं संदेह जनक लगा । उन्होंने जब जूस का ‘पैक’ काटकर अंदर देखा, तब उन्हें उसमें बडी मात्रा में काला फफूंद तैरता हुआ दिखाई दिया । उसके पश्चात उसने ग्राहक मंच से इसकी शिकायत की । ग्राहक मंच की देखरेख में जूस के नमूने परीक्षण के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेजे गए । इस पडताल में जूस में मानवीय स्वास्थ्य के लिए घातक फफूंद होने की बात सिद्ध हुई ।
डाबर प्रतिष्ठान ने इसमें अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उनके उत्पाद में कोई भी त्रुटि नहीं थी । इस उत्पाद के एक ही बैच के १ लाख ८ सहस्र से अधिक पैकेट्स बेचे गए हैं, परंतु कहीं से ऐसी शिकायत नहीं मिली है । इस पर ग्राहक मंच ने ‘पीडित ग्राहक को मानसिक कष्ट होने के कारण ग्राहक को ४५ दिन के अंदर ६० सहस्र रुपए तथा कानूनी व्यय के लिए १० सहस्र रुपए, साथ ही असावधानी के कारण ग्राहक कल्याण कोष में ३० सहस्र रुपए जमा करने का आदेश दिया ।
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