(और इनकी सुनिए…) ‘श्रीकृष्ण मुसलमान थे तथा ५ समय की नमाज पढते थे !’ – Maulana Jarjis Ansari

मौलाना जर्जिस अंसारी का आपत्तिजनक व‍क्तव्य


रांची (झारखंड) : भगवान श्रीकृष्ण वास्तव में मुसलमान थे एवं वे ५ समय की नमाज पढते थे, ऐसा बयान मौलाना (इस्लाम के जानकार) जर्जिस अंसारी द्वारा दिए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है । इसके पश्चात हिन्दू संगठनों द्वारा उनकी तीखी आलोचना की जा रही है एवं उनको बंदी बनाने की मांग की जा रही है । बताया जा रहा है कि यह वीडियो झारखंड में २३ जून २०२६ में आयोजित एक धार्मिक सभा का है । मौलाना जर्जिस उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के निवासी हैं तथा इससे पहले भी वे कई विवादित बयान दे चुके हैं । (पहले ही विवादित बयान के समय उन पर कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की गई ? यदि तभी कार्रवाई हो गई होती, तो आज ऐसा बोलने का उनको साहस नहीं होता ! क्या अब भीउन पर कोई कार्रवाई की जा एगी ? – संपादक)

श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक की अनुचित व्याख्या

अपने भाषण में मौलाना अंसारी ने श्रीमद्भगवद्गीता के एक श्लोक का संदर्भ देकर अपने दावे को सच प्रमाणित करने का प्रयास किया । उन्होंने गीता के अध्याय ६ के १० वें श्लोक का उल्लेख किया :
योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः ।
एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः ॥

मौलाना ने दावा किया, ‘इस श्लोक में भक्तों को पूरे शरीर से प्रार्थना करने (नमाज की तरह) का निर्देश दिया गया है । यदि हिन्दू अपने ग्रंथों को ध्यान से पढें, तो उन्हें समझ आएगा कि इस्लाम ही वैश्विक धर्म है । भगवान राम एवं कृष्ण से संबंधित ग्रंथों में भी यही लिखा है ।’

श्लोक का वास्तविक अर्थ

‘एक योगी का कर्तव्य है कि वह अपने मन, शरीर एवं आत्मा को निरंतर ईश्वर की आराधना में लीन रखे । एकांत में रहकर, मन एवं इंद्रियों पर नियंत्रण पाकर, सभी प्रकार की भौतिक इच्छाओं तथा मोह-माया से मुक्त रहे’ । इस श्लोक में कहीं भी ‘नमाज’ या ‘इस्लाम’ जैसे शब्दों का कोई संबंध नहीं है । इसमें केवल ध्यान एवं योग के माध्यम से ईश्वर प्राप्ति का मार्ग बताया गया है ।

मौलाना पूरे हिन्दू समाज से बिना शर्त क्षमा मांगें ! – श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह

महेंद्र प्रताप सिंह

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह ने मौलाना जर्जिस के इस बयान की कडे शब्दों में निंदा की है । उन्होंने कहा कि यह बयान हिन्दू समाज की आस्था पर सीधा प्रहार है । जहां इस्लाम का इतिहास लगभग १ सहस्र ४०० वर्ष पुराना है, वहीं भगवान श्रीकृष्ण का अवतार ५ सहस्र वर्ष पूर्व हुआ था । मौलाना को भगवद्गीता एवं उसके श्लोकों का कोई ज्ञान नहीं है । इस अत्यंत भ्रामक तथा विवादित बयान के लिए मौलाना जर्जिस को पूरे हिन्दू समाज से बिना शर्त क्षमा मांगनी चाहिए ।

मौलाना को पाकिस्तान भेजो ! – ‘श्रीकृष्ण जन्म संघर्ष न्यास’ के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी

दिनेश फलाहारी

‘श्रीकृष्ण जन्म संघर्ष न्यास’ के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने मौलाना पर लक्ष्य साधते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ५ सहस्र वर्ष पहले अवतरित हुए थे और मौलाना के पूर्वज भी सनातनी ही थे । भगवान के विषय में इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी करनेवालों को तुरंत पाकिस्तान भेज दिया जाना चाहिए ।

वीडियो किसी बडे षड्यंत्र का हिस्सा होने की आशंका ! – भाजपा

भाजपा नेता मनीष शुक्ला ने संदेह व्यक्त किया है कि यह विवादित बयान किसी बडे एवं गहरे षड्‌यंत्र का अंग हो सकता है । इसकी गहन जांच होनी चाहिए । उन्होंने मांग की कि इस मामले में झारखंड में मामला दर्ज कर कडी कानूनी कार्रवाई की जाए ।

संपादकीय भूमिका

  • भारत में कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा ऐसा बयान देने का दुस्साहस होता है, यह हिन्दुओं के लिए लज्जाजनक है !
  • मुसलमानों के पूजनीय प्रतीकों या आस्था के संदर्भ में यदि कोई सत्य भी सामने रखे, तो उसे ‘सर तन से जुदा’ की धमकी दी जाती है फिर उसे जीवनभर पुलिस सुरक्षा में अज्ञातवास में रहना पडता है; वहीं दूसरी ओर, कट्टरपंथी मुसलमान बिना भय के घूमते हैं तथा पुलिस भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती !