मुम्बई में दंगा कराने वाली रझा अकादमी के ‘इफ्तार पार्टी’ में मुम्बई पुलिस आयुक्त संजय पाण्डे की उपस्थिति !
दंगाइयों के कार्यक्रमों में उपस्थिति देनेवाले पुलिस अधिकारी अपराध कैसे रोकेंगे ?
दंगाइयों के कार्यक्रमों में उपस्थिति देनेवाले पुलिस अधिकारी अपराध कैसे रोकेंगे ?
हिन्दू बहुल महाराष्ट्र में केवल हिन्दुओं के लिए आदेश जारी करना दुर्भाग्यपूर्ण है । क्या हिन्दू त्योहारों या शोभायात्राऒं के समय अन्य धर्मियों को ऐसे आदेश देने का साहस पुलिस करेगी ?
स्वीडन के अनेक शहरों में शरणार्थी धर्मांध तथा डेनमार्क के इस्लाम विरोधी पक्ष ‘स्ट्राम कुर्स’ के कार्यकर्ताओं में बडी मात्रा में हिंसाचार हुआ ।
हिन्दुओं की शोभायात्रा के कारण नहीं, अपितु धर्मांधों के कारण दंगे होते है ! यह स्पष्ट होने पर, नियम मुसलमान भागों के मस्जिदों पर नहीं, अपितु हिन्दुओं की शोभायात्रा पर लगाए जाते हैं; यह हिन्दुओं को लज्जास्पद !
जब धर्मांध कट्टरपंथियों द्वारा इतनी तैयारी की जा रही थी, तब पुलिस और गुप्तचर संस्थाऒं को इस षड्यंत्र की जानकारी क्यों नहीं मिली? हिन्दुओं की अपेक्षा है कि गुजरात में बीजेपी का शासन होते हुए ऐसी कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए !
जेरूसलम की अल-क्सा मस्जिद में फ़िलिस्तीनियों और इजराइल पुलिस के बीच झडपों में कम से कम ५९ फिलिस्तीनी नागरिक घायल हुए
चूंकि पुलिस कट्टरपंथियों के विरुद्ध कडी कार्रवाई नहीं कर रही थी । ऐसे में यदि नागरिक कानून अपने हाथ में ले रहे हैं, तो इस पर विचार किया जाना चाहिए !
चूंकि पुलिस कट्टरपंथियों के विरुद्ध कडी कार्रवाई नहीं कर रही थी । ऐसे में यदि नागरिक कानून अपने हाथ में ले रहे हैं, तो इस पर विचार किया जाना चाहिए !
पिछले ७४ वर्षों से सभी पक्ष के शासनकर्ताओं द्वारा धर्मांधों की चापलुसी करने के कारण आज वे सिरपर बैठ गए हैं । वे पुलिस अधिकारियों से भी नहीं डरते, यह देश हेतु लज्जास्पद है !
वर्तमान में सिख समाज ‘सिख’ को भिन्न धर्म मानता हैं; परंतु, वास्तव में वह हिन्दू धर्म का ही एक हिस्सा है । भारत में खलिस्तानवाद तीव्रता से बढने पर सिखों द्वारा हिन्दुओं का द्वेष करना, उनके श्रद्धास्थानों पर आघात करने, जैसे प्रकरण बढ गए हैं ।