देहली के मुसलमान बहुल क्षेत्र जहांगीरपुरी में पुलिस ने रामनवमी की शोभायात्रा को अनुमति देना अस्वीकार कर दिया !
देहली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन रहते हुए, दिए गए इस तुगलकी आदेश की हिन्दुओं को अपेक्षा नहीं है !
देहली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन रहते हुए, दिए गए इस तुगलकी आदेश की हिन्दुओं को अपेक्षा नहीं है !
वर्ष २०१९ में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के सामने हुई हिंसा के प्रकरण में देहली उच्च न्यायालय ने सत्र न्यायालय के निर्णय को अनुचित ठहराते हुए ११ में से ९ अपराधियों का आरोप निश्चित किया है ।
बांग्लादेशी मुसलमान आनेवाले समय में देहली पर इस्लाम का ध्वज फहराएंगे ।
जनपद के जमवा रामगड क्षेत्र में स्थित ताला नामक गांव में २६ मार्च को हिन्दू युवकों ने हिन्दू नववर्ष पर वाहनफेरी निकाली जिसपर अनेक धर्मांध मुसलमानों ने पथराव किया ।
मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार होते हुए हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों को इस प्रकार धमकियां देने का किसी का भी साहस नहीं होना चाहिए, हिन्दुओं को ऐसा ही लगता है !
तृणमूल कांग्रेस के राज्य में बंगाल की स्थिति बांग्लादेश समान होने से वहां कानून तथा सुरक्षा अबाधित रखने के लिए राष्ट्रपति शासन लागू करना आवश्यक है !
यह बात न्यायालयाल को क्यों कहनी पडती है ? यह पुरातत्व विभाग के ध्यान में क्यों नहीं आता ? सदा हिन्दुओं की ही धार्मिक भावनाएं आहत करनेवाला पुरातत्व विभाग अमान्य करें !
देश में घुसपैठ कर भारतीय नागरिकता मिलने तक रोहिंग्या पहुंचते हैं, इसके लिए उन्हें उनके देशद्रोही धर्मबंधु सहायता करते हैं, इस ओर पुलिस, प्रशासन और धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक पक्ष कब गंभीरता से देखेंगे ?
इससे पूर्व बिहार सरकार ने भी ऐसा निर्णय लिया है । वहां एक घंटा पूर्व काम पर उपस्थित रहने के लिए कहा गया है ।
अधिवक्ता मनीष हिन्दू महासभा से संबंधित हैं तथा वे सामाजिक माध्यमों पर भी सक्रिय रहते हैं । उन्होंने अजान के अवसर पर प्रयोग में लाए जानेवाले भोंपुओं के विरुद्ध उपक्रम भी आरंभ किया था ।