PM Modi Fast-Track Courts : पेपर लीक की घटनाओं के लिए तीव्रगति न्यायालय गठित करेंगे !

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’पर दी जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई देहली – सभी परीक्षा से संबंधिथ पेपेर लीक की घटनाओं में दोषियों को दंडित करने के लिए देश में तीव्रगति न्यायालय गठित किए जाएंगे । देश के युवकों का हित एवं भविष्य ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है । युवकों के भविष्य के साथ खिलवाड करनेवालों को छोडा नहीं जाएगा, ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’पर कहा है ।

पेपर लीक प्रकरण में जंतरमंतर पर कॉकरोच जनता दल के चल रहे आंदोलन की पृष्ठभूमि पर प्रधानमंत्री ने यह जानकारी प्रसारित की है ।

आप ही ने युवकों के भविष्य को सबसे अधिक हानि पहुंचाई ! – राहुल गांधी ने की आलोचना

राहुल गांधी

इस लेखन के उपरांत कांग्रेस के नेता तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’पर कहा कि आप ही ने युवकों के भविष्य को सबसे अधिक हानि पहुंचाई है । आपने शिक्षाव्यवस्था ध्वस्त होने दी तथा उसके लिए उत्तरदायी व्यक्तियों का संरक्षण दिया ।

देहली के टॉलस्टॉय मार्ग पर आंदोलनकारियों द्वारा पुनः हिंसा : पुलिस ने किया लाठीचार्ज

जंतरमंतर पर चल रहे आंदोलन में २२ जुलाई की रात को पुनः हिंसा हुई । टॉलस्टॉय मार्ग पर आंदोलनकारियों ने पुलिस पर बडी मात्रा में पथराव किया, साथ ही उनसे मारपीट करने का प्रयास किया । इस समय पुलिस ने लाठीचार्ज किया, साथ ही आंसूगैस छोडी । अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जंतरमंतर की क्षमता ४ सहस्र लोगों की है, ऐसे में वहां लगभग १२ १२ सहस्र लोग आए थे । उससे यह भीड टॉलस्टॉय मार्ग एवं संसद मार्ग तक फैल गई ।

देहली पुलिस ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा है कि कनॉट प्लेस के टॉलस्टॉय मार्ग के पास रात के लभभग ८.३० बजे यह हिंसा हुई । वहां कुछ उपद्रवी तत्त्वों ने पुलिस पर पत्थर एवं बोतलों से आक्रमण किया, जिसमें कनॉट प्लेस के सहायक पुलिस आयुक्त विवेक भगत घायल हुए । वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें उपचार के लिए राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय में भर्ती किया । यहां कुछ मिनट तक स्थिति तनावपूर्ण थी; परंतु अब वहां पूर्ववत् शांति है ।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने आरंभ में आंदोलनकारियों को शांति से वहां जाने का अनुरोध किया । पुलिस ने कॉकरोच जनता दल के नेताओं एवं आयोजकों को भी घटनास्थल पर बुलाकर भीड को शांति बनाए रखने का आवाहन किया; परंतु आंदोलनकारियों ने उनके भी आवाहन की अनदेखी की ।

आंदोलनकारियों के पास लाठियां एवं तलवारें

हिंसा बढने पर सुरक्षाकर्मियों पर बडी मात्रा में पथराव किया गया । पुलिस ने यह दावा किया है कि इस मुठभेड में कुछ आंदोलनकारी लाठियां लेकर आए थे, जबकि कुछ लोग तलवारें दिखाकर धमका रहे थे । उसके उपरांत पुलिस ने सीमित बलप्रयोग किया । (इस पर कांग्रेस, समाजवादी दल, आम आदमी दल आदि राजनीतिक दल मौन क्यों हैं ? क्या जो हुआ वह उचित है, ऐसा उनका कहना है ? – संपादक)

भाजपा के गुंडे पथराव कर रहे हैं ! – अभिजित दीपके ने लगाय आरोप

कॉकरोच दल के संस्थापक अभिजीत दीपके ने यह आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा भेजे गए गुंडे आंदोलन में आकर पथराव कर रहे हैं । सुरक्षा की दृष्टि से सरकार ने सवेरे देहली के १६ मेट्रो स्थानक बंद किए । इसमें सर्वोच्च न्यायालय मेट्रो स्थानक का भी समावेश है । यह प्रकरण अब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत तक पहुंच गया है । मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आवश्यकता पडी, तो मैं इसमें हस्तक्षेप करूंगा ।

आश्वासन मिला, तो आज ही अनशन समाप्त कर देंगे ! – सोनम वांगचूक

सोनम वांगचूक

हरियाणा के गुरुग्राम के मेंदांता चिकित्सालय में अनशन के कारण उच्च न्यायालय के आदेश पर भर्ती किए गए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचूक ने एक वीडियो प्रसारित कर उसमें कहा है कि अनशन आरंभ होकर अब २५ दिन बीत गए हैं; परंतु अब भी मैं जीवित हूं । कुछ सांसद मुझसे मिलने आए तथा उन्होंने मुझे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया । मुझे यदि सरकार से आश्वासन मिला, तो मैं आज ही अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हूं । सरकार केवल छात्रों के विरुद्ध कार्यवाही न करे ।

२२ जुलाई की सायंकाल को आम आदमी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा एवं समाजवादी दल के १५ सांसदों ने मेदांता चिकित्सालय जाकर वांगचूक से मिलने का प्रयास किया; परंतु पुलिस ने उन्हें रोका । इस समय पुलिस एवं सांसदों में विवाद हुआ । क्षुब्ध सांसदों ने प्रवेशद्वार पर ही धरना दिया । यह हंगामा एक घंटे तक चल रहा था ।

हम बातचीत के लिए तैयार हैं ! – केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा

केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा

दूसरी अोर केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने पत्रकार वार्ता कर बताया कि वांगचूक ने हमें खुला पत्र लिखा है । हम बहुत शीघ्र उस पत्र का उत्तर देंगे । हमने कॉकरोच जनता दल के लोगों का पक्ष शांति से सुना । उन्होंने उनका कहना लिखितरूप में दिया है । हम बातचीत के लिए तैयार हैं । जब वे बोलेंगे, तब हम उनसे बातचीत करेंगे ।

वांगचूक ने सरकार से ३ मांगें की हैं । इसमें ‘नीट’ परीक्षा का पेपर लीक होने के उपरांत जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को उचित क्षतिपूर्ति दी जाए, पेपर लीक का उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए संसद में गहन चर्चा हो तथाशिक्षामंत्री का त्यागपत्र लेने पर विचार किया जाए ।

संसद के दोनों सदनों में पुनः हंगामा

संसद में २३ जुलाई को भी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र की मांग पर पुनः हंगामा हुआ । सत्ताधारी एवं विपक्षी, इन दोनों पक्षों के सांसदों में संसद के मकरद्वार पर एकत्र होकर अपनी-अपनी भूमिकाएं रखीं । यह आंदोलन समाप्त होने के पश्चात सांसद सदन में पहुंचे । लोकसभा का कामकाज आरंभ होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया । धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र तथा ‘नीट’ (नैशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट अर्थात ही राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा) पेपर लीक पर चर्चा हो, यह मांग उन्होंने लगाए रखी । इसके परिणामस्वरूप लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला ने सदन का कामकाज एक घंटे के लिए स्थगित किया, जबकि राज्यसभा में भी विपक्षी सदस्यों के हंगामा के कारण कामकाज एक घंटे के लिए स्थागित करना पडा ।

‘कॉकरोच’के आंदोलन में खालिस्तानी आतंकी पन्नू का भी प्रवेश !

(और इनकी सुनिए …) ‘मोदी को हराना है, सत्तापरिवर्तन होकर रहेगा !’

जंतरमंतर पर चल रहे आंदोलन में अब अमेरिका स्थित खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंतसिंह पन्नु ने भी प्रवेश किया है । उसने एक वीडियो प्रसारित कर यह दावा किया है कि उसने कॉकरोच जनता दल के (‘सीजेपी’के) नेताओं के साथ ऑनलाइन बैठक की है । उसमें आंदोलन पर चर्चा हुई ।

उसने कहा कि इस बैठक में सीजेपी एवं मैने जो घोषणा की है, उसे आप ध्यान में रखिए । हमें देहली को एवं मोदी को हराना है । मोदी का तख्तापलट किया जाएगा । यह कोई स्थाई उपाय नहीं है । इसका स्थाई उपाय है भारत का विभाजन करना तथा भारत को तोडना !

सीजेपी के पूर्व प्रवक्ता ने की अभिजीत दीपके की आलोचना

कॉकरोच जनता दल के प्रवक्ता विजेता दहिया और अभिजीत दीपके

जब जंतरमंतर पर आंदोलन चल रहा था, उस समय कॉकरोच जनता दल के प्रवक्ता विजेता दहिया वहां उपस्थित नहीं था । उसका ‘बर्गर’ खाते समय का वीडियो प्रसारित होने के उपरांत उसे पद से हटाया गया । इस पर दहिया ने दल के संस्थापक अभिजित दीपके पर आरोप लगाए हैं ।

उन्होंने कहा कि जब मैं जंतरमंतर के पास ‘बर्गर’ खा रहा था, उस समय मनुवादी लोगों ने मुझसे स्पष्टीकरण मांगा । बर्गर पर यह सब हंगामा हुआ । मैं आंदोलन में पुनः जाने के लिए तैयार हो रहा था, उस समय मुझे अभिजित दीपके की कॉल आई । अभिजीत ने मुझे कहा कि तुम डरो मत ! ऐसी बातें होती रहती हैं तथा अकस्मात वह मुझे कहने लगा कि अब तुम आंदोलन में मत आओ । मैंने पूछा ‘क्यों नहीं आऊं ?’, उस पर वह कहने लगा, ‘अरे, तुम्हारा वह जो बर्गरवाला वीडियो प्रसारित हुआ है ।’ मैंने उसे कहा, लोग आलोचना कर रहे हैं, तो ठीक है; परंतु तुम तो देख रहे हो न ! मैं पिछले २ रातों से वहां था । पुलिस आ गई, तो क्या करना है, इस पर मैं विचार कर रहा था । अभिजीत ने कहा, ‘हां’ अभिजीत, तुम जो कचोरी खा रहे थे, उसका छायाचित्र प्रसारित हुआ था, उस समय मैंने तुम्हारा पक्ष लिया था । मैं कुछ ऐसी बातें कर हा था कि जिनसे आंदोलन को लाभ मिलेगा; परंतु अकस्मात ही एक दिन मुझे ज्ञात हुआ कि मेरे ही लोगों ने मुझे बली का बकरा बनाया ।


कांग्रेस का आंदोलन केवल राजनीतिक ‘स्टंट’ !

सोनम वांगचूक की पत्नी गीतांजली आंगमो ने कठोर शब्दों में की राहुल गांधी की आलोचना

सोनम वांगचूक की पत्नी गीतांजली आंगमो और राहुल गांधी

कांग्रेस ने २ दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर आंदोलन किया था । सोनम वांगचूक की पत्नी सोनम वांगचूक ने अब उस आंदोलन की कठोर शब्दों में आलोचना करते हुए कहा है कि कांग्रेस का आंदोलन संपूर्णतः कपटतापूर्ण एवं राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित था । कांग्रेस के नेताओं को सचमुच ही छात्रों की चिंता होती, तो वे प्रधानमंत्री के आवास के बाहर ‘स्टंट’बाजी करने के स्थान पर जंतरमंतर जाकर छात्र आंदोलन में भाग लेते ।

गीतांजली आंगमो ने आगे कहा कि,

१. राजनीतिक दल अब सोनम वांगचूक का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर रहे हैं !

राजनेता अब सोनम वांगचूक तथा उनकी प्रतिमा का राजनीतिक लाभ उठा रहे हैं; परंतु जनता एवं युवा वर्ग सूज्ञ हैं । कोई भी उनसे धोखाधडी नहीं कर सकता । यह आंदोलन किसी भी राजनीतिक दल के साथ अथवा विचारधारा के साथ नहीं जुडा है ।

२. प्रधानमंत्री के आवास के बाहर किए गए कांग्रेस के आंदोलन में प्रामाणिकता का अभाव था !

प्रधानमंत्री के आवास के बाहर किए गए कांग्रेस के आंदोलन में प्रामाणिकता का अभाव था । यह जागृत भारत है तथा जो लोग इस आंदोलन का अपने राजनीतिक दल का लाभ उठाने का प्रयास करेंगे, उन्हें देश के युवक फेंक देंगे । हमारे लिए सत्ताधारी अथवा विपक्ष, इनमें कोई अंतर नहीं है । हमारे लिए संसद सर्वाेच्च है तथा संसद को शिक्षा की ओर मूलभूत एवं सबसे महत्त्वपूर्ण विषय के रूप में देखना चाहिए ।

३. स्वार्थ के लिए आनेवाले लोग स्वयं ही अप्रासंगिक सिद्ध होंगे !

कोई भी राजनीतिक ‘एजेंडा’ (कार्यसूची) रखे बिना इस आंदोलन को समर्थन देनेवाले प्रत्येक नागरिक का स्वागत है; परंतु अपने स्वार्थ के लिए आनेवाले लोग स्वयं ही अप्रासंगिक सिद्ध होंगे ।

देहली में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया गया !

जंतरमंतर पर हुई हिंसा के उपरांत अब देहली में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया गया है । केंद्रीय गृह मंत्रालय एवं देहली के राज्यपाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून से प्राप्त अधिकारों के अनुसार देहली के नवनियुक्त पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार को किसी भी व्यक्ति को सीधे हिरासत में लेने का विशेष अधिकार प्रदान किया है । यह विशेष अधिकार १९ जुलाई २०२६ से १८ अक्टूबर २०२६, इस ३ महिने की अवधि के लिए लागू होगा । इस कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध बिना आरोप सिद्ध किए अथवा बिना अभियोग चलाए १२ दिन से लेकर १२ महिनों तक उसे पुलिस हिरासत में रखा जा सकता है ।

पिछले वर्ष २६ सितंबर को लद्दाख के लेह के जिला दंडाधिकारी के आदेश के उपरांत आंदोलनकारी सोनम वांगचूक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अनुसार बंदी बनाया गया था तथा उन्हें १७० दिन तक हिरासत में रखा गया था ।