|

अयोध्या (उत्तर प्रदेश) – श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास की २२ जुलाई को हुई बैठक में ९ संतों की धार्मिक समिति गठित की गई । इसमें अयोध्या के ५ संत एवं न्यास के ४ संत सम्मिलित हैं । न्यास के कोषाध्यक्ष परम पूज्य स्वामी गोविंददेव गिरिजी को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है । साथ ही समाज एवं मीडिया के साथ नियमित संवाद के लिए न्यास ने एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय लिया है । इस बैठक में महासचिव एवं ३ न्यासियों के नाम तय किए जाने थे; लेकिन ऐसा नहीं हो सका । बैठक में विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बागडा का नाम प्रस्तावित किया गया था; परंतु इस पर सहमति नहीं बन सकी । अयोध्या के संत किसी स्थानीय व्यक्ति को महासचिव बनाना चाहते हैं । इसलिए इस विषय को आगे के लिए टाल दिया गया । अगली बैठक २ सितंबर को होगी । इसी बैठक में नए महासचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नामों की घोषणा की जाएगी ।
न्यास की बैठक यहां स्थित श्री स्वामी मणिरामदास छावनी में दोपहर ३ बजे से शाम ५ बजे तक हुई । न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज ने स्वयं इस बैठक की अध्यक्षता की ।
श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई !
न्यास ने कहा कि विभिन्न आरोपों एवं दुष्प्रचार के उपरांत भी, श्रीराम मंदिर में आनेवाले श्रद्धालुओं की संख्या में तनिक भी कमी नहीं आई है । यह करोडों रामभक्तों की अटूट श्रद्धा का प्रमाण है । इसके लिए संत समाज, श्रद्धालुओं एवं अयोध्यावासियों का आभार व्यक्त किया गया ।
विशेष जांच दल की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई
न्यास ने बताया कि दान की राशि की गिनती में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे विशेष जांच दल की अंतिम रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है । इसलिए इस मामले पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी । यद्यपि सर्वोच्च न्यायालय में चल रही सुनवाई एवं न्यायालय के आदेश का संज्ञान लिया गया ।
हमारे पास लाठीमार के लघु चलचित्र देखने का समय नहीं है !
संसद में विपक्ष का हंगामा : दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ घंटों के लिए स्थगित
श्री राम मन्दिर में दान की चोरी होना समाज के नैतिक पतन की पराकाष्ठा – न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन, इलाहाबाद उच्च न्यायालय
Hindustan Unilever Compensation : ‘हिन्दुस्तान युनिलिवर लिमिटेड’ प्रतिष्ठान को ग्राहक को क्षतिपूर्ति के रूप में ५० सहस्र रुपए देने का आदेश ।
Cockroach Party Sets Condition : बातचीत के लिए जंतर मंतर पर आईए अथवा किसी सार्वजनिक स्थान पर बैठक लीजिए ।
Rajasthan 1996 Bomb Blast : राजस्थान में वर्ष १९९६ में हुए बम विस्फोट के मामले का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय ने निरस्त किया !