संसद में विपक्ष का हंगामा : दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ घंटों के लिए स्थगित

  • हिंसक प्रदर्शन करने वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज की घटना 

  • काले कपडे पहनकर संसद पहुंचे कांग्रेस सांसद 

नई दिल्ली – संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन विपक्षी दलों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया । राहुल गांधी के साथ कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों के सांसद काले कपडे पहनकर संसद पहुंचे । उन्होंने २० जुलाई को जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के हिंसक कार्यकर्ताओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज तथा नीट प्रश्नपत्र लीक विषय के विरोध में नारेबाजी की तथा इन विषयों पर चर्चा की मांग की । लोकसभा तथा राज्यसभा की कार्यवाही सुबह ११ बजे प्रारंभ हुई, किंतु हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर १२ बजे तक तथा राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर २ बजे तक स्थगित कर दी गई । लोकसभा में केवल एक मिनट तक ही कार्यवाही चल सकी ।

दोपहर १२ बजे लोकसभा की कार्यवाही पुनः आरंभ होने पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “सरकार चर्चा के लिए तैयार है । सभी दलों के नेताओं से परामर्श करके निर्णय लिया जाना चाहिए ।” इस पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान त्यागपत्र नहीं देते, तब तक चर्चा नहीं होगी । कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी तथा सैयद नासिर हुसैन ने राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया । उन्होंने विद्यार्थियों पर हुई पुलिस कार्यवाही तथा देश की परीक्षा व्यवस्था पर चर्चा कराने की मांग की । कांग्रेस सांसदों ने इन विषयों पर सदन में तत्काल चर्चा कराने की मांग की ।

सोनम वांगचुक के समर्थन में अमेरिका, ब्रिटेन तथा आयरलैंड में प्रदर्शन ।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र की मांग को लेकर उपवास कर रहे सोनम वांगचुक के समर्थन में तथा भारतीय विद्यार्थियों के कथित अधिकारों के पक्ष में अमेरिका, ब्रिटेन तथा आयरलैंड में भारतीय समुदाय द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं । अमेरिका में हिन्दूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ संस्था की पहल पर न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक यूनियन स्क्वायर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के निकट तथा कैलिफोर्निया के सैन होजे शहर में प्रदर्शन किए गए । लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग तथा आयरलैंड की राजधानी डबलिन में भारतीय दूतावास के बाहर भी लोगों ने एकत्र होकर मौन प्रदर्शन के माध्यम से अपना विरोध प्रकट किया ।

संपादकीय भूमिका

पुलिस पर आक्रमण करने वालों के विरुद्ध कांग्रेस क्यों नहीं बोलती ? कांग्रेस के शासनकाल में दिल्ली के रामलीला मैदान में योगऋषि रामदेव बाबा के आंदोलन पर रात में अचानक पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया था, जिसमें राजबाला नामक महिला की मृत्यु हो गई थी । क्या उस घटना पर कांग्रेस ने कभी क्षमा मांगी थी ?