MSRTC Cleanliness Drive : स्वच्छता के लिए जनता से करोडों रुपये लेने के उपरांत भी बस डिपो की दुर्दशा यथावत !

  • राज्य मार्ग परिवहन निगम के बस डिपो के ‘स्वच्छता अभियान’ की विफलता !

  • १ अगस्त को परिवहन मंत्री अभियान की समीक्षा बैठक लेंगे

  • स्वच्छता अभियान चलाने के उपरांत भी दुर्दशा यथावत

मुंबई – राज्य मार्ग परिवहन निगम ने यात्रियों को स्वच्छ एवं उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु १ जून से राज्यव्यापी स्वच्छता अभियान प्रारंभ किया । इसके लिए यात्रियों से २ रुपये अधिभार (अतिरिक्त शुल्क) गृहीत किया जाता है । प्रतिदिन ५० लाख यात्रियों से १ करोड रुपये स्वच्छता हेतु एकत्र होते हैं । राज्यभर के ५६० से अधिक बस डिपो, प्रक्षालन गृह (शौचालय), बस स्थानक परिसर एवं बस वाहनों की नियमित स्वच्छता का कार्य परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने संसद जैसी उच्च स्तर की वास्तु को स्वच्छ करने वाले प्रतिष्ठान के अंतर्गत आने वाले एक अन्य प्रतिष्ठान को सौंपा है; परंतु उसकी तुलना में स्वच्छता नहीं रखी जा रही है । इस पार्श्वभूमि पर परिवहन मंत्री ने १ अगस्त के दिन समीक्षा बैठक आहत की है । इसमें स्वच्छता हेतु नियुक्त निजी संस्था के प्रदर्शन की समीक्षा, अधिभार से एकत्र निधि का उपयोग, डिपो में प्रत्यक्ष स्वच्छता की स्थिति, तथा आगामी सुधारात्मक उपायों पर चर्चा होगी ।

बस स्थानक के परिसर में दुर्गंध, जल की निकासी न होना, अस्वच्छ फर्श, टूटे हुए स्वच्छता उपकरण एवं कचरे का ढेर, अस्वच्छ हस्त प्रक्षालन पात्र (बेसिन), तथा प्रक्षालन गृहों में अस्वच्छता पाई जाती है । वर्षाऋतु में यह समस्या अधिक गंभीर हो जाती है । पंंक (कीचड), एकत्रित जल एवं अस्वच्छ परिसर के कारण यात्रियों को अत्यंत कष्ट सहन करना पडता है ।

संपादकीय भूमिका

  • अभियान चलाने के उपरांत भी, तथा स्वच्छता का अनुबंध (कंत्राट) देने पर भी बस डिपो में दुर्दशा पाई जा रही हो, तो क्या शासन संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई करेगा ?
  • २ रुपये अधिभार लेने के उपरांत भी अस्वच्छता ही देखनी पड रही हो, तो यह यात्रियों के साथ वंचना (छल) ही है !