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नई दिल्ली – राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा के समय पेपर लीक होने की घटना की पृष्ठभूमि पर केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव का आननफानन में स्थानांतरण किया । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश प्रसारित कर छात्रों को यह जानकारी दी । प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस प्रशासनिक कदम के साथ ही न्यायिक एवं कानूनी स्तर पर महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं । केंद्र सरकार के इस निर्णय से पेपरलीक पर भडका हुआ छात्र आंदोलन शांत होने की संभावना है ।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा,
१. शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है तथा पेपर लीक से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई के लिए दिल्ली में विशेष तीव्रगति न्यायालय का गठन किया गया है । इसके साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने हेतु कठोर दंड, तीव्रगति न्यायालय एवं प्रभावी कानूनी प्रावधानों के युक्त विधेयक अधिवेशन के दूसरे सप्ताह में संसद में रखा जाएगा । उससे पूर्व उसे मंत्रिमंडल में रखकर मंत्रिमंडल की सहमति ली जाएगी ।
२. पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों एवं अभिभावकों की बडी हानि होती है, इसलिए पिछले कुछ माह में पेपर लीक में संलिप्त अनेक आरोपियों को बंदी बनाकर कारागृह में बंद किया गया है ।
३. छात्रों का शैक्षणिक वर्ष व्यर्थ न हो; इसके लिए अल्पावधि में ही २२ लाख छात्रों के लिए पुनः परीक्षा ली गई तथा उसका परिणाम १९ जुलाई को घोषित किया गया ।
अनेक अधिकारियों का स्थानांतरण
शिक्षा मंत्रालय में किए गए फेरबदलों में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय के सचिवपद पर नियुक्त किया गया है । उनके स्थान पर अब नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का दायित्व सौंपा गया है । इसके साथ ही टी.के. अनिल कुमार को विद्यालयीन शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव, जबकि कटिकिथला श्रीनिवास को ईशान्य क्षेत्र प्रदेश विकास मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है । खनिकर्म मंत्रालय के सचिव पीयूष गोयल को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के महासचिवपद पर नियुक्त किया गया है ।
अनु ग्रोवर बालीगा विशेष न्यायाधीश पद पर नियुक्त

पेपरलीक प्रकरणों के अभियोग तीव्रगति से चलाने हेतु द उच्च न्यायालय ने न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया है । राऊस एवेन्यू न्यायालय संकुल में स्थापित विशेष तीव्रगति न्यायालय में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित पद्धतियों का प्रतिबंध) कानून २०२४’ के अंतर्गत प्रविष्ट होनेवाले अभियोगों, साथ ही संबंधित आपराधिक अभियोगों की सुनवाई होगी ।
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