पुरातत्व विभाग से संबंधित लोगों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करें ! – हिन्दुत्वनिष्ठों की मांग

  • ‘श्री महालक्ष्मीदेवी विकास प्रारूप (आराखडा)’ के कार्य में पुरातत्व विभाग द्वारा अक्षम्य उपेक्षा तथा अनेक त्रुटियां

  • श्री महालक्ष्मीदेवी मंदिर में जल का रिसाव अनेक लघु मूर्तियों के अंग-प्रत्यंग क्षतिग्रस्त

बैठक में उपस्थित विभिन्न हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता

कोल्हापुर, २३ जुलाई (वार्ता) – ‘श्री महालक्ष्मीदेवी विकास प्रारूप’ के संदर्भ में पुरातत्व विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों के विषय में जिलाधिकारी कार्यालय में जिला प्रशासन, मंदिर प्रशासन, पुरातत्व विभाग, जनप्रतिनिधि एवं विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों की बैठक आयोजित की गई थी । इस बैठक में समस्त हिन्दुत्वनिष्ठों ने पुरातत्व विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति तीव्र रोष एवं दुःख की प्रतिक्रिया व्यक्त की । इन समस्त विकृतियों हेतु पुरातत्व विभाग के सहायक निदेशक विलास वहाणे सहित समस्त उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोग (एफआईआर) पंजीकृत करने की दृढ मांग सभी ने की । इस बैठक में विलास वहाणे सहित कार्य हेतु नियुक्त निजी संस्थान के अधिकारियों ने टालमटोल पूर्ण उत्तर दिए ।

बैठक में अपना पक्ष प्रस्तुत करते हुए मूर्ति विशेषज्ञ अधिवक्ता प्रसन्ना मालेकर

समस्त पक्षों को सुनने के पश्चात जिलाधिकारी एवं ‘पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान प्रबंधन समिति’ के अध्यक्ष डॉ. विजय राठौड ने घोषणा की, ‘‘प्रशासकीय स्तर पर जो त्रुटियां हुई हैं, वे भविष्य में न हों, इसका पूर्ण ध्यान रखा जाएगा । अब तक किए गए कार्यों का सत्यापन कर दंडात्मक कार्रवाई के संदर्भ में उचित निर्णय लिया जाएगा ।’’ शिवसेना विधायक श्री राजेश क्षीरसागर ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘समस्त हिन्दुत्वनिष्ठों की भावनाएं सर्वथा उचित हैं तथा वर्तमान में चल रहा कार्य शास्त्रीय एवं योग्य पद्धति से ही होना चाहिए । मंदिर के जिस कार्य से क्षति हुई है, उसकी निष्पक्ष जांच होनी ही चाहिए । जिस कार्य हेतु विशेषज्ञों की नियुक्ति अपेक्षित है, वहां योग्य तज्ञों की ही नियुक्ति करें । आगामी समस्त कार्य अत्यंत सूक्ष्मता एवं विधिपूर्वक होने चाहिए । श्री महालक्ष्मीदेवी मंदिर में जल का रिसाव होना अत्यंत अनुचित है, ऐसी घटनाएं भविष्य में कदापि सहन नहीं की जाएंगी ।’’

इस बैठक में हिन्दू जनजागृति समिति, हिन्दू एकता आंदोलन, शिवसेना, हिन्दू महासभा, विश्व हिन्दू परिषद, मंदिर महासंघ, श्री महालक्ष्मीदेवी मंदिर के पुजारी, देवस्थान के पदाधिकारी सहित विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे तथा उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए ।

बैठक में वक्तव्य देते हुए शिवसेना के विधायक राजेश क्षीरसागर (गुलाबी जैकेट में), एवं अन्य उपस्थित अधिकारी

हिंदुत्वनिष्ठों द्वारा उठाए गए मुख्य आक्षेप:

१. मंदिर का कार्य करते समय ‘सैंड ब्लास्टिंग’ (बालू को उच्च दबाव के साथ पत्थरों पर प्रक्षेपित करने की प्रक्रिया) का प्रयोग किया जा रहा है । इसके कारण अनेक लघु मूर्तियों के कर्ण, नासिका, नेत्र तथा अन्य अंग क्षतिग्रस्त हो गए हैं । कई छोटी मूर्तियां पूर्णतः घिस गई हैं, जिससे उनकी अपूरणीय क्षति हुई है ।

२. विगत मास मंदिर के शिखर पर स्थापित किया गया कलश बिना किसी धार्मिक विधि-विधान के स्थापित किया गया । कलश स्थापना हेतु जगद्गुरु शंकराचार्य अथवा किसी भी धार्मिक प्राधिकारी को आमंत्रित नहीं किया गया । केवल श्रेय प्राप्त करने की शीघ्रता में यह अनुचित कार्य किया गया ।

३. मंदिर परिसर स्थित अत्यंत प्राचीन फव्वारा (कारंजा) एक ही रात्रि में ध्वस्त कर दिया गया । इस संदर्भ में मंदिर समिति द्वारा कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया ।

४. मंदिर परिसर के पत्थरों की स्वच्छता हेतु अनुमति न होने के उपरांत भी ‘ब्रेकर’ का प्रयोग करना, मातृलिंग मंदिर में श्रमिकों का शयन करना, जैसी अनेक अनैतिकताएं प्रकाश में आई हैं ।

५. मंदिर की मूर्तियों के संवर्धन कार्य के समय उन्हें शास्त्रोक्त पद्धति से सुरक्षित न रखकर बोरियों में भरकर रखा गया है ।

६. ‘गरुड मंडप’ का निर्माण कार्य विगत ३ वर्षों से निरंतर चल रहा है तथा प्रत्येक बार कार्य की समय-सीमा बढाई जा रही है ।

विलास वहाणे को हिन्दुत्वनिष्ठों के तीव्र आक्रोश का सामना करना पडा

बैठक के उपरांत पुरातत्व विभाग के सहायक निदेशक विलास वहाणे को हिन्दुत्वनिष्ठों के प्रचंड असंतोष का सामना करना पडा । ‘महाराजा प्रतिष्ठान’ के संस्थापक श्री निरंजन शिंदे एवं ‘मराठा तितुका मेळवावा’ के श्री योगेश केरकर ने विलास वहाणे को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आपने मंदिरों एवं दुर्गों की अपार क्षति की है । विशालगढ स्थित मंदिरों की दुर्दशा हेतु आप ही उत्तरदायी हैं । अनेक मंदिरों का जीर्णोद्धार कार्य आपकी उपेक्षा के कारण रुका हुआ है । श्री महालक्ष्मीदेवी मंदिर में वर्तमान में जो भी अनुचित घटित हो रहा है, उसके एकमात्र उत्तरदायी आप ही हैं । अतएव यदि आपके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत नहीं हुआ, तो आपको कोल्हापुरी शैली में पाठ पढाया जाएगा ।’’

हिन्दुत्वनिष्ठों ने इस अवसर पर आरोप लगाया कि पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तेजस गर्गे एवं सहायक निदेशक विलास वहाणे, इन दोनों से यह दायित्व तत्काल स्थानांतरित किया जाए । विलास वहाणे सूचना प्रदान करने हेतु कभी उपलब्ध नहीं होते । प्रत्येक त्रुटिपूर्ण कार्य हेतु विलास वहाणे ही पूर्णतः उत्तरदायी हैं ।

पुरातत्व विभाग द्वारा श्री महालक्ष्मीदेवी मूर्ति संवर्धन के संदर्भ में अक्षम्य उपेक्षा ! – प्रसन्न मालेकर

श्री महालक्ष्मीदेवी की मूर्ति के संवर्धन हेतु पुरातत्व विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर तीव्र आपत्ति व्यक्त करते हुए अधिवक्ता प्रसन्न मालेकर ने कहा, ‘‘देवी की मूर्ति का एक या दो बार प्राण-उत्क्रमण (प्राण निकालना) समझ में आता है; किंतु पुरातत्व विभाग प्रतिवर्ष दो बार मूर्ति के कार्य हेतु प्राण-उत्क्रमण कर रहा है । कभी-कभी अमावस्या के दिन यह कृत्य किया गया है । यदि मूर्ति की स्थिति उत्तम बताई जाती है, तो वर्ष में २-२ बार वज्रलेप करने की आवश्यकता क्यों पडती है ? मंदिर के वर्तमान निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार के धार्मिक विधि-विधान का पालन नहीं किया जा रहा है । स्वर्ण कलश की स्थापना बिना किसी शुभ मुहूर्त के कर दी गई । श्री जोतिबा देवस्थान में भी इसी प्रकार अत्यंत अनुचित रीति से संवर्धन कार्य चल रहा है, जिसके लिए पृथक बैठक आयोजित की जानी चाहिए ।’’

मनकर्णिका कुंड शीघ्रतिशीघ्र श्रद्धालुओं हेतु पुनरारंभ करें ! – शिवानंद स्वामी, हिन्दू जनजागृति समिति

इस अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति के श्री शिवानंद स्वामी ने कहा, ‘‘अत्यंत प्राचीन एवं पवित्र मनकर्णिका कुंड को पूरकर (भरकर) उस पर शौचालय निर्माण करने का अत्यंत अधार्मिक कार्य प्रशासन द्वारा किया गया । इस कुंड को पुनः प्रारंभ करने का कार्य विगत अनेक वर्षों से प्रलंबित है । इस कुंड को शीघ्रतिशीघ्र भक्तों हेतु पुनः खोला जाना चाहिए ।’’

संपादकीय भूमिका

मंदिर का कार्य भी उचित रीति से करने में असमर्थ पुरातत्व विभाग द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के अनेक दुर्गों (किलों) पर हुए विधर्मियों के अतिक्रमण को भी रोका नहीं जा सका है । ऐसे अक्षम विभाग को निरस्त कर योग्य अधिकारियों की नियुक्ति आवश्यक !