बदायूं (उत्तर प्रदेश) में मुसलमान अधिकारी द्वारा धार्मिक उत्पीडन के कारण हिन्दू पुलिस निरीक्षक ने आत्महत्या की
मुसलमान चाहे किसी भी पद पर पहुंच जाएं, वे पहले मुसलमान होते हैं एवं उसके उपरांत कुछ अन्य !
मुसलमान चाहे किसी भी पद पर पहुंच जाएं, वे पहले मुसलमान होते हैं एवं उसके उपरांत कुछ अन्य !
उसने खाना-पीना छोड दिया । वह किसी के साथ ठीक से नहीं बोलती थी । वह सदैव तनाव में रहती थी, परंतु इसका अंत इतना भयानक होगा, इसकी हमने कल्पना भी नहीं की थी ।
इस्लाम में आत्महत्या वर्जित होने पर भी, धर्म के नाम पर जिहादी आतंकवादी आत्मघाती आक्रमणों के समय शरीर पर बम बांधकर दूसरों के साथ स्वयंको भी उडा देते हैं !
नगर पुलिस की प्रताडना से तंग आकर एक महाविद्यालयीन छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने के प्रकरण में विद्यागिरी के पुलिस निरीक्षक मोहम्मद रफीक तहसीलदार को निलंबित कर दिया गया है ।
डॉ. परवेज के उत्पीडन एवं प्रशासन की उपेक्षा से महिला डॉक्टर मानसिक रूप से टूट गईं एवं उन्होंने यह कठोर कदम उठा लिया ।
उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून होने के बाद भी इस प्रकार से हिन्दुओं की जानें जा रही हैं । इसे देखते हुए सरकार को इस कानून को अत्यधिक कठोर करना आवश्यक है ।
वर्ष २०१९ में जेफ्री एपस्टीन को युवतियों की तस्करी के आरोप में बंदी बनाया गया । एपस्टीन पर आरोप था कि उसने अमेरिका के राजनीतिक तथा सामाजिक क्षेत्रों के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों की वासना की तृप्ति हेतु युवतियां उपलब्ध कराई थीं ।
तमिलनाडु की द्रमुक सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश के उपरांत भी थिरुपरंकुंद्रम् पर्वत पर दीपम् प्रज्वलित करने की अनुमति अस्वीकार करने के कारण उठाया गया कदम l
ऐसों को भरे चौक में फांसी का दंड देनेवाला कानून बनाना अब आवश्यक हो गया है !
पुलिस ने अकस्मात मृत्यु की घटना पंजीकृत कर जांच आरंभ की है । यह मुसलमान छात्र इस लडकी को छेडता था । विद्यालय जाते समय वह उसका पीछा करता था, साथ ही उसे ‘इंस्टाग्राम’ पर संदेश भेजता था ।