सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया !

सरकार से ३ लिखित आश्वासन मिलने के उपरांत लिया निर्णय !

नई दिल्ली – सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आंदोलन के २६वें दिन २३ जुलाई की आधी रात १२.३० बजे आखिरकार अनशन समाप्त कर दिया । वांगचुक ने जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह, साथ ही लद्दाख के वरिष्ठ नेता मुझसे मिलने आए थे । पिछले २ दिनों से मेरे एवं सरकार के बीच बातचीत चल रही थी । मैंने सरकार से लिखित आश्वासनों की मांग की थी । सरकार ने मेरी मांगों के संबंध में लिखित आश्वासन दिए । इसी कारण मैंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया ।

सरकार द्वारा दी गई ३ प्रमुख लिखित शर्तें !

सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार ने निम्नलिखित मांगें लिखित रूप में स्वीकार की हैं :

१. जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन करनेवाले या २० जुलाई के दिन ‘संसद मार्च’ में सम्मिलित हुए विद्यार्थियों एवं युवाओं के विरुद्ध कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी या मामला (एफआईआर) प्रविष्ट नहीं किया जाएगा । (यदि वे विद्यार्थी नहीं थे और उन्होंने हिंसा की थी, तो उन पर कार्रवाई क्यों न हो ? संविधान का संदर्भ देनेवाले वांगचुक स्वयं इस प्रकार की मांग करके संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं ! – संपादक)

२. प्रश्नपत्र लीक होने की घटना के कारण जान गंवाने वाले २० से अधिक विद्यार्थियों के परिवारों को सरकार उचित आर्थिक सहायता देगी ।

३. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए इस पूरे विषय पर, परीक्षा प्रणाली में सुधारों पर एवं शिक्षा क्षेत्र में सरकार के उत्तरदायित्व पर संसद में विस्तृत चर्चा की जाएगी ।