छोटे बच्चों की आंखों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें !

आंखों के संदर्भ में भविष्य में आनेवाले संकटों को ध्यान में रखकर अभिभावक सतर्क रहें । बच्चों को चल-दूरभाष अथवा दूरदर्शन देखने का समय सुनिश्चित कर दें तथा उसी समय बच्चों के हाथ में चल-दूरभाष दें ।

‘डिजिटल’ माध्यमों की अति बच्चों के विकास पर गंभीर परिणाम

पूरे विश्व में छोटे बच्चों में ‘स्क्रीन टाइम’ (चल-दूरभाष, दूरदर्शन, ‘टैबलेट’, संगणक आदि देखने की अवधि) बढना, उनके मानसिक, सामाजिक एवं बौद्धिक विकास पर प्रतिकूल परिणाम करनेवाला सिद्ध हो रहा है । एक अध्ययन से इसकी चौंकानेवाली वास्तविकता सामने आई है ।

विभूति एक रहस्य, शक्ति तथा उसका महत्त्व !

शरीर में ऊर्जा के स्रोत को प्रवाहित करने में बाधा आ रही हो, तो विभूति लगाने से शरीर के वे द्वार खुल जाते हैं, जिनसे ऊर्जा के स्रोत प्रवेश करते हैं तथा उससे शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा की आपूर्ति होती है ।

बच्चों को उपनाम से (घर के नाम से) पुकारने से क्या होता है ?

अनेक बार हमारे ध्यान में नहीं आता कि अपने नित्य जीवन में हम ऐसे कुछ काम करते हैं, जो अनुचित हैं । अधूरा नाम लेने से उस व्यक्ति का विकास रुक जाता है, जिससे अनिष्ट शक्तियां उसे घेर लेती हैं ।

त्रिशूल की उत्पत्ति कैसे हुई ?

‘विष्णुपुराण के अनुसार श्री विश्वकर्मा ने त्रिशूल की निर्मिति की ।’ इससे संबंधित एक पौराणिक कथा है । देवताओं के शिल्पी श्री विश्वकर्मा की पुत्री संजना का विवाह सूर्यदेव के साथ हुआ था; परंतु सूर्यदेव के असीम तेज से संजना को उनके साथ रहना संभव नहीं हो पा रहा था ।

शिवलिंग एवं उसके विभिन्न प्रकारों की जानकारी

वर्तमान समय में सबसे अधिक उपयोग में लाया जानेवाला शिवलिंग है ‘स्फटिक शिवलिंग !’ इस शिवलिंग का लाक्षणिक महत्त्व यह है कि अनिष्ट शक्तियों का नाश करने के लिए मुख्य रूप से इस शिवलिंग का उपयोग किया जाता है ।

मकर संक्राति के निमित्त झारखंड, उत्तर प्रदेश तथा बिहार में प्रवचन के माध्यम से धर्मप्रसार !

मकर संक्रांति से रथसप्तमी तक का काल ‘पर्वकाल’ होता है । इस ‘पर्वकाल’ में किए दान एवं पुण्यकर्म विशेष फलदायी होते हैं ।

Madras High Court : स्त्रियों ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ में तभी सुरक्षित रह सकती हैं जब उन्हें पत्नियों का स्थान दिया जाए !

न्यायालय ने कहा कि, पुरुष पहले आधुनिक बनने का दिखावा करते हैं तथा लिव-इन रिलेशनशिप में आ जाते हैं । फिर, जब संबंध बिगडने लगता है, तो वे स्त्री के चरित्र पर प्रश्न उठाने लगते हैं ।

ब्रिटेन : सभी धर्मियों में हिन्दू सबसे अधिक पर्यावरण-अनुकूल हैं !

‘इंस्टिट्यूट फॉर दी इंपैक्ट ऑफ फेथ इन लाइफ’ ( जीवन पर आस्था का प्रभाव होने का अध्ययन करना) अर्थात ‘आई.आई.एफ.एल.’ इस संस्था ने एक विशेष शोध किया है ।

अल्पायु में वेदाध्ययन की सबसे कठिन परीक्षा पूर्ण करने वाले वेदमूर्ति ‘दंडक्रम विक्रमादित्य’ देवव्रत महेश रेखे !

अहिल्यानगर (अहमदनगर) के वेदब्रह्मर्षि महेश चंद्रकांत रेखे के सुपुत्र वेदमूर्ति देवव्रत ने बिना पुस्तक देखे शुक्ल यजुर्वेद माध्यंदिन शाखा के लगभग २००० मंत्रों का पाठ किया ।