बस्तर तो नक्सलमुक्त हुआ, आगे क्या ?

वर्ष २०२६ तक भारत से नक्सलवाद का निर्मूलन करने के लिए केंद्र सरकार प्रभावी रणनीति अपना रही है ।

हिन्दू मंदिरों को उनका पूर्व वैभव दिलाने के लिए न्यायालयीन लडाई लडनेवाले सर्वोच्च न्यायालय के धर्माभिमानी अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन !

शरीर में प्राण रहने तक मैं धर्म के लिए संघर्ष करता रहूंगा । जिस प्रकार हमने श्रीराममंदिर के लिए अभियोग लडा, उसी प्रकार ज्ञानवापी के लिए एवं मथुरा के लिए अभियोग लड रहे हैं ।

यदि हम जीते, तभी जी पाएंगे ! – प.पू. स्वामी गोविंददेव गिरिजी, कोषाध्यक्ष, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास

सनातन संस्था का संपूर्ण कार्य आध्यात्मिकता की नींव पर खडा है । अध्यात्म का ग्रंथ ‘भगवद्गीता’ युद्ध की भूमि पर विशद किया गया है । उसी प्रकार से सनातन संस्था ने भी अध्यात्म से लेकर युद्ध तक की जागृति की है ।

केवल कानून नहीं, अपितु पूरी व्यवस्था को ही बदल देना चाहिए ! – अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन

हिन्दुओं पर किए गए आघातों से संबंधित अभियोग अभी भी न्यायालयों में लंबित हैं । इन अभियोगों पर निर्णय आने में कितना समय लगेगा, यह हम सभी को सुनिश्चित करना है ।

शत्रु की कमर टूटने के उपरांत ही देश में शांति होगी ! – मेजर गौरव आर्य (सेवानिवृत्त), मुख्य संपादक, चाणक्य फोरम, देहली

‘राष्ट्र की रक्षा शस्त्रों से ही करनी पडती है । भारत ने पाकिस्तान को बार-बार क्षमा की है । युद्ध में ३ बार हारने के उपरांत भी पाकिस्तान ने भारत पर पलटवार किया । ‘शत्रु को बार-बार क्षमा नहीं करनी चाहिए’, यह सनातन धर्म की सीख है ।

Sanatan Rashtra Shankhnad Mahotsav : सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के करकमलों से हिन्दुत्व के लिए समर्पित कार्य करनेवालों को ‘हिन्दू राष्ट्र रत्न’ एवं ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार !

हिन्दुत्व एवं राष्ट्रहित के लिए कार्य कर अन्य हिन्दुओं के समक्ष आदर्श प्रस्तुत करनेवाले व्यक्तियों को सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के करकमलों से पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।

अर्पणदाताओ, गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में धर्मकार्य हेतु धन अर्पित कर गुरुतत्त्व का लाभ उठाओ !

१० जुलाई २०२५ को गुरुपूर्णिमा है । गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में सेवा एवं धन का त्याग करनेवाले को गुरुतत्त्व का सहस्र गुना लाभ होता है ।

स्वरक्षा प्रदर्शन से धर्मप्रेमियों में वीरश्री का जागरण !

हिन्दुओं को स्वरक्षा प्रशिक्षण लेना अब अनिवार्य हो गया है । शारीरिक तैयारी की अपेक्षा मानसिक एवं आध्यात्मिक तैयारी महत्त्वपूर्ण है । हिन्दू जनजागृति समिति के स्वरक्षा प्रशिक्षणवर्गाें के माध्यम से यही तैयारी करवाई जाती है ।

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का औक्षण एवं साधकाें के भावाश्रुओं का अभिषेक !

इस वर्ष सनातन संस्था का रजत जयंती वर्ष है एवं ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी के दिन सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का ८३वां जन्मोत्सव भी था । इस दुग्धशर्करा योग के उपलक्ष्य में सनातन शक्ति का भव्य दर्शन संसार ने देखा !

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का ‘हिन्दू राष्ट्र और साधना’ विषय पर मार्गदर्शन

यह महोत्सव हिन्दू राष्ट्र अर्थात रामराज्य की स्थापना का है, जिसकी नींव धर्म और अध्यात्म है । इसलिए मैं मुख्य रूप से अध्यात्म, साधना और हिन्दू राष्ट्र विषय पर बात करूंगा ।