सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का औक्षण एवं साधकाें के भावाश्रुओं का अभिषेक !

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का औक्षण करतीं उनकी आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणियां श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी तथा श्रीसत्‌शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी

फोंडा, गोवा – साधकों के हृदयमंदिर में विराजमान गुरुदेव सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का जन्मोत्सव सभी के लिए एक भावपूर्ण पर्व ही होता है । साधक इस अवसर पर विविध माध्यमों से गुरुदेवजी को पुकारते हैं । सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव के तीसरे दिन अर्थात १९ मई को साधक पुनः भावक्षणों में डूब गए । सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के ८३वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में उनकी आध्यात्मिक उत्तराधिकारिणियां श्रीसत्‌शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळ एवं श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी ने उनका औक्षण किया । इस समय ईरोड (तमिलनाडु) के पुरोहित श्री. अरुण कुमार गुरुमूर्ति एवं उनके सहकारी ने वेदमंत्रपठन किया । इस समय सभी साधकों की ओर से श्रीसत्‌शक्ति एवं श्रीचित्‌शक्ति ने गुरुदेवजी के चरणों में वंदन किया ।

इस वर्ष सनातन संस्था का रजत जयंती वर्ष है एवं ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी के दिन सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का ८३वां जन्मोत्सव भी था । इस दुग्धशर्करा योग के उपलक्ष्य में सनातन शक्ति का भव्य दर्शन संसार ने देखा ! महोत्सव के तीनों दिन सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी अत्यंत शारीरिक कष्ट होते हुए भी विभिन्न सत्रों में उपस्थित थे एवं इस कारण साधक, धर्मप्रेमी एवं राष्ट्रप्रेमियों को दिव्य सत्संग का लाभ हुआ । इससे सभी साधकों ने भावाश्रु नयनों से गुरुचरणों में कृतज्ञता व्यक्त की ।