सनातन धर्म के लिए कार्य करनेवालों को अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होने हेतु महोत्सव में महाधन्वंतरि याग संपन्न !

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले नगरी, फोंडा, गोवा : आनेवाले भीषण काल में सभी साधकों के स्वास्थ्य की रक्षा हो तथा सनातन राष्ट्र की स्थापना शीघ्रता से हो; इसके लिए सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में महाधन्वंतरि याग संपन्न किया गया ।

सांप्रत काल में ‘श्री महाधन्वंतरि याग’ की आवश्यकता तथा इस याग से होनेवाले लाभ !

बीज, घास, लकडी, फूल, पेड, फल, वृक्ष, जडें, पत्ते, तना, लासा, रस एवं गंध’, इनमें से ‘वनस्पति के किस रूप में संबंधित बीमारी का निवारण छिपा है’, इसका विश्व को ज्ञान देनेवाले देवता हैं श्री धन्वंतरि देवता !

युद्ध में भारत की विजयप्राप्ति सहित सैनिकों तथा धर्मकार्य करनेवालों की रक्षा हेतु शतचंडी याग संपन्न !

सनातन के संतों एवं साधकों ने इस यज्ञ की संकल्पपूर्ति हेतु श्री दुर्गादेवी के चरणों में मनोभाव से प्रार्थना की । उसके पश्चात यज्ञ में पूर्णाहुति अर्पित की गई ।

शतचंडी याग सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु गोवा स्थित सनातन संस्था के आश्रम में श्री ललिता त्रिशती पूजन !

यह पूजा करने से साधकों एवं धर्मप्रेमियों के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होकर उन्हें मानसिक शांति प्राप्त होती है, वैसे ही आध्यात्मिक प्रगति होने में सहायता मिलती है । इसके साथ ही यह पूजा साधकों एवं धर्मप्रेमियों के मन एवं आत्मा को शुद्ध करती है ।

१२ ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम दैवी सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य अंशों के विषय में जानकारी

‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकरजी ने बताया, ‘भारत के पवित्र १२ ज्योतिर्लिंगों में से गुजरात के सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को प्रथम शिवलिंग माना जाता है ।