
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले नगरी, गोवा – ‘राष्ट्र की रक्षा शस्त्रों से ही करनी पडती है । भारत ने पाकिस्तान को बार-बार क्षमा की है । युद्ध में ३ बार हारने के उपरांत भी पाकिस्तान ने भारत पर पलटवार किया । ‘शत्रु को बार-बार क्षमा नहीं करनी चाहिए’, यह सनातन धर्म की सीख है । उसी प्रकार पाकिस्तान को भी बार-बार क्षमा न करते हुए ठोकना पडेगा । यही युद्धनीति है । शत्रु की कमर टूटने के उपरांत ही देश में शांति स्थापित होगी । हिन्दुओं को उनका शत्रु कौन है, इसका बोध नहीं है तथा यही उनकी कमी है’, ऐसा प्रतिपादन देहली के ‘चाणक्य फोरम’ के प्रधान संपादक मेजर गौरव आर्य (सेवानिवृत्त) ने किया । १९ मई को ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ के ‘सनातन राष्ट्र एवं सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी का विविधांगी कार्य’, इस सत्र में मान्यवरों ने अपने विचार व्यक्त किए । इसमें मेजर गौरव आर्य (सेवानिवृत्त) ने ‘सनातन राष्ट्र की सुरक्षा’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किए । इस अवसर पर व्यासपीठ पर ‘वीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक’ के कार्याध्यक्ष श्री. रणजित सावरकर, सनातन संस्था के धर्मप्रचारक सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी, ‘पंजाब गोरक्षक दल’ के संस्थापक अध्यक्ष श्री. सतीश प्रधान, ‘महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय’ के आध्यात्मिक शोध विभाग के प्रमुख सदस्य श्री. शॉन क्लार्क, ‘स्पिरिच्युअल साइन्स रिसर्च फाउंडेशन’ के आध्यात्मिक मार्गदर्शक सद्गुरु सिरियाक वालेजी तथा हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य के समन्वयक श्री. सुनील घनवट उपस्थित थे ।
इस अवसर पर मेजर गौरव आर्य ने कहा, ‘‘साधु-संतों की रक्षा हेतु प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ । मुगलों का आक्रमण बढने के उपरांत हिन्दुओं की रक्षा के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज तथा गुरु गोविंद सिंहजी का जन्म हुआ, उसी प्रकार इस सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में हिन्दुओं की रक्षा हेतु प्रभु श्रीराम पुनः अवतीर्ण हुए हैं, इसका साक्षात्कार हो रहा है ।’’
हिन्दू जनजागृति समिति का कार्य समाज के लिए दिशादर्शक ! – सुनील घनवट, संगठक, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ, हिन्दू जनजागृति समिति

मुसलमानों को मदरसों में, जबकि ईसाईयों को चर्च में धर्म की शिक्षा मिलती है; परंतु हिन्दुओं के लिए किसी प्रकार की धर्मशिक्षा की व्यवस्था नहीं है । हिन्दुओं को धर्म की शिक्षा मिले, इसके लिए हिन्दू जनजागृति समिति के अंतर्गत पूरे देश में ५०० स्थानों पर धर्मशिक्षावर्ग चल रहे हैं । हिन्दूद्वेषी चित्रकार म.फि. हुसैन द्वारा भारतमाता तथा हिन्दुओं के देवताओं के नग्न चित्र बनाए जाने के विरोध में समिति ने देशव्यापी आंदोलन छेडा । हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु वैश्विक हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन के द्वारा पूरे देश के १ सहस्र से अधिक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन धर्मकार्य के साथ जुड गए हैं । हिन्दू जनजागृति समिति समाज का दिशादर्शन कर रही है ।
सनातन धर्म का प्रत्येक अंग सात्त्विकता से ओतप्रोत ! – शॉन क्लार्क, आध्यात्मिक शोध विभाग, महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय
महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय की ओर से किए गए विभिन्न प्रयोगों से श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राणप्रतिष्ठा होने के उपरांत श्रीराम मंदिर परिसर की सात्त्विकता में वृद्धि हो रही है, यह बात ध्यान में आई । प्राणप्रतिष्ठा का समारोह देखनेवाले दर्शकों में विद्यमान नकारात्मकता ६० प्रतिशत से अल्प हुई, जबकि सकारात्मकता १४५ प्रतिशत से बढी, यह शोध से ध्यान में आया । महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न प्रकार के ६०० से अधिक प्रयोग किए गए हैं तथा इससे ध्यान में आया है कि ‘सनातन धर्म का प्रत्येक अंग सात्त्विकता से ओतप्रोत है ।’ अतः हिन्दुओं को इस शोधकार्य में सहभागी होना चाहिए ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के माध्यम से हो रहा है धर्मसंस्थापना का भव्य कार्य ! – सद्गुरु नंदकुमार जाधव, धर्मप्रचारक, सनातन संस्था

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी सनातन संस्था के माध्यम से धर्मसंस्थापना का भव्य कार्य कर रहे हैं । सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने साधकों का मार्गदर्शन कर पूरे विश्व में अध्यात्मप्रसार किया है । मनुष्य को अपने जीवन का ध्येय साध्य करने हेतु गुरुकृपायोग के अनुसार साधना करना आवश्यक है । यह शीघ्र आध्यात्मिक प्रगति का मार्ग है तथा वह कर्म, भक्ति एवं ज्ञान का सुंदर संगम है । गुरुकृपायोग के अनुसार साधना कोई सांप्रदायिक साधनामार्ग नहीं है । नृत्य, गायन, संगीत आदि के द्वारा आध्यात्मिक प्रगति कैसे करनी चाहिए, इसका उन्होंने मार्गदर्शन किया है । सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने विभिन्न विषयों पर आधारित ग्रंथों की निर्मिति की है । उन्होंने महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय की स्थापना की है, जिससे शिक्षा ग्रहण करनेवाले छात्र संत बनकर ही बाहर निकलेंगे ।
हिन्दुओं का सैनिकीकरण और राजनीति का हिन्दुकरण न हो, तब तक हिन्दू राष्ट्र असंभव ! – रणजित सावरकर, कार्याध्यक्ष, वीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक

हिन्दुओं का सैनिकीकरण और राजनीति का हिन्दुकरण होना आवश्यक है । इसे किए बिना हिन्दू राष्ट्र की स्थापना असंभव है । इसके लिए हिन्दुओं को बलशाली होना चाहिए । स्वतंत्रता के पश्चात देश में सत्ता में आई सरकारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया । इससे देश का अवमूल्यन हुआ । वर्ष १९९० से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने हिन्दुओं के संगठन का प्रारंभ किया । रामनाथी, गोवा स्थित सनातन के आश्रम में जाने पर मुझे सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के आध्यात्मिक कार्य की अनुभूति हुई । सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ऐसे एकमात्र व्यक्ति हैं, जो राष्ट्र को दिशा देने के लिए कार्य कर रहे हैं । हिन्दुओं को बलशाली बनाने के लिए सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी कार्य कर रहे हैं ।
‘ओम् प्रमाणपत्र’ के द्वारा हिन्दू ग्राहकों का संगठन आवश्यक ! – रणजित सावरकर, कार्याध्यक्ष, वीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक‘हिन्दू यदि भारत में अल्पसंख्यक बन गए, तो उनके लिए विश्व में हिन्दुओं का एक भी देश नहीं है, अतः आनेवाले समय में हिन्दुओं का शासन होना आवश्यक है । वर्तमान समय में मुसलमानों ने भारत की अर्थव्यवस्था पर अपनी पकड मजबूत बनाई है; इसलिए हिन्दुओं को हिन्दुओं के साथ आर्थिक लेन-देन करना चाहिए । इसके लिए हिन्दू उद्योगपति ‘ओम् प्रतिष्ठान’ की ओर से जारी ‘हिन्दू शुद्धता मानक प्रमाणपत्र’ लें । इस माध्यम से हिन्दू ग्राहकों का संगठन होना आवश्यक है । |
Corporate Jihad : धर्मांतरण अस्वीकार करने के कारण ‘विप्रो’ (Wipro) की हिन्दू महिला कर्मचारी को सेवामुक्त किया !
महाराष्ट्र में २ जून से आंदोलन, घंटानाद, महाआरती एवं हस्ताक्षर अभियान आरंभ होगा ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी