उत्तर भारत में सनातन के ग्रंथों का गुरुपूर्णिमा के निमित्त लोकार्पण

उत्तर भारत के विविध स्थानों पर गुरुपूर्णिमा महोत्सव संपन्न हुआ । उसमें सनातन के निन्मलिखित ग्रंथों के ‘ई-बुक’ का लोकार्पण किया गया । वाराणसी के गुरुपूर्णिमा महोत्सव में सनातन संस्था का ‘रोगियों की देखभाल कैसे करें ?’ नामक लघुग्रंथ का लोर्कापण किया गया ।

हिन्दू जनजागृति समिति एवं सनातन संस्था की ओर से देहली, उत्तर प्रदेश एवं पूर्व-पूर्वोत्तर भारत में भावपूर्ण वातावरण में ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ संपन्न !

गुरुपूर्णिमा महोत्सव मेंं सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा, ‘‘महाभारत के समय भगवान श्रीकृष्ण ने बताया कि अधर्म के विरुद्ध संघर्ष करना ही धर्म है । गुरुतत्त्व को यही अपेक्षित है कि हिन्दू साधना कर आत्मिक बल बढाएं और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाएं ।

Sanatan Sanstha GURUPOURNIMA : सनातन संस्था की ओर से देशभर में ७७ स्थानों पर ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ भावपूर्ण वातावरण में संपन्न !

गुरुपूर्णिमा का अर्थ है गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने एवं गुरुसेवा का संकल्प लेने का दिन ! भारत की एक महान विशेषता है – गुरु-शिष्य परंपरा ! यह दैवी परंपरा केवल गुरु-शिष्य, अध्यात्म तथा मोक्ष तक सीमित नहीं है, अपितु विश्वकल्याण की ओर प्रवाहित है ।

हिन्दुओ, आपातकाल में जीवित रहने के लिए साधना करने के साथ-साथ स्वरक्षा की तैयारी करें !

वर्तमान आपातकाल में ईश्वर की भक्ति करने के साथ-साथ कराटे, लाठी चलाना आदि स्वरक्षा विद्या प्राप्त करना आवश्यक है ।

निःस्वार्थ साधकवृत्ति के हिन्दू ही हिन्दू राष्ट्र की स्थापना कर सकते हैं; इसलिए साधना करें ! 

हिन्दू राष्ट्र की स्थापना की प्रक्रिया राजनैतिक अथवा भौगोलिक नहीं, अपितु पूर्णतः आध्यात्मिक है तथा विश्वकल्याण के उद्देश्य को साधनेवाली है ।

हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु अवश्य सक्रिय होंगे, ऐसी दृढ संकल्प रूपी गुरुदक्षिणा अर्पण करें !

युद्ध जैसी बाह्य और देश की आंतरिक सभी समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए हिन्दू राष्ट्र ही चाहिए यह ध्यान में रखें !

महर्षि व्यासपूर्णिमा (गुरुपूर्णिमा)

समर्थ रामदासस्वामीजी द्वारा बताए गए सभी गुण वेदव्यासजी में समाहित हैं; इसलिए हम उन्हें ‘जगद्गुरु’ कहते हैं ।

गुरुपूर्णिमा महोत्सव २०२५ के उपलक्ष्य में निमंत्रण

गुरुपूर्णिमा के दिन १००० गुना सक्रिय रहनेवाले गुरुतत्त्व का लाभ सभी को हो, इस हेतु सनातन संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति गुरुपूर्णिमा महोत्सव का आयोजन कर रहे हैं । इस महोत्सव में सम्मिलित होने हेतु गुरुपूर्णिमा स्थल के पते एवं संपर्क क्रमांक आगे देखें ।

अर्पणदाताओ, गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में धर्मकार्य हेतु धन अर्पित कर गुरुतत्त्व का लाभ उठाएं !

‘१० जुलाई २०२५ को गुरुपूर्णिमा है । गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का यह दिवस शिष्य के लिए अविस्मरणीय होता है । गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में गुरुसेवा एवं धन का त्याग करनेवाले व्यक्ति को गुरुतत्त्व का सहस्रों गुना लाभ होता है ।

अर्पणदाताओ, गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में धर्मकार्य हेतु धन अर्पित कर गुरुतत्त्व का लाभ उठाओ !

१० जुलाई २०२५ को गुरुपूर्णिमा है । गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में सेवा एवं धन का त्याग करनेवाले को गुरुतत्त्व का सहस्र गुना लाभ होता है ।