Bangladeshi Hindu : हिन्दुओं के लिए बांगलादेश से भारत में शरण लेना भी अत्यंत कठिन, ‘वीसा’ (Visa) पर स्थगन ।

सामान्य बांगलादेशी हिन्दू जनता की स्थिति जानने के लिए ‘सनातन प्रभात’ ने वहां के कुछ हिन्दुत्वनिष्ठ नेताओं से संपर्क किया था । उस समय एक हिन्दुत्वनिष्ठ नेता ने बांगलादेश की यह भयावह पीडा व्यक्त की ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : ‘रणसंवाद – भारत की सामरिक नीति’ विचारगोष्ठी !

‘गजवा-ए-हिन्द’ के जवाब के रूप में वैचारिक ‘गजवा-ए-इस्लाम’ का आरंभ कीजिए ! – ‘रॉ’ के पूर्व अधिकारी कर्नल आर.एस.एन. सिंहजी का आवाहन

असम में यदि मुस्लिम जनसंख्या ५० प्रतिशत हो गई , तो राज्य को बांग्लादेश में विलीन करने का प्रयास किया जाएगा । – Himanta Biswa Sarma

केवल असम ही नहीं , अपितु भारत के प्रत्येक राज्य और पूरे देश में भी यदि इतनी जनसंख्या हो गई, तो पूरे भारत को इस्लामी देश बनाने का प्रयास किया जाएगा, तथा यदि हिन्दू निष्क्रिय रहे , तो यह कठिन नहीं होगा।

Pandit DhirendraKrishna Shastri : यदि हिन्दू संगठित नहीं हुए, तो भारत की भी बांग्लादेश जैसी स्थिति होगी !

यदि हिन्दू एकत्र नहीं हुए , तो बांग्लादेश में जो घटित हो रहा है , वह भारत के प्रत्येक मार्ग पर घटित होता हुआ दिखेगा, ऐसी चेतावनी पंडित धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री ने हिन्दुओं को दी ।

TISS Mumbai Demographic Alert : मुंबई में वर्ष २०५१ तक मुसलमानों की जनसंख्या ३० प्रतिशत से अधिक हो जाएगी !

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस के प्रतिवेदन की सूचना l
​बांग्लादेशी मुसलमान घुसपैठियों की संख्या के कारण होगा परिवर्तन​ ; हिन्दुओं की जनसंख्या का प्रतिशत ५४ से नीचे जाने की संभावना !

Shankhnad Mahotsav Delhi : सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव – ‘रणसंवाद – भारत की सामरिक नीति ’ विचारगोष्ठी !

‘गजवा-ए-हिन्द’ के जवाब के रूप में वैचारिक ‘गजवा-ए-इस्लाम’का आरंभ कीजिए ! -‘रॉ’के पूर्व अधिकारी आर्.एस्.एन्. सिंह (सेवानिवृत्त) का आवाहन

Rahul Kaul MahaAbhiyan : कश्मीरी हिन्दुओं के ३५ वर्षाें के संघर्ष में यह सबसे निर्णायक आंदोलन ! – राहुल कौल

३५ वर्ष बीतने आए, तब भी कश्मीरी हिन्दुओं का उनकी मूल भूमि में अर्थात कश्मीर घाटी में पुनर्वास नहीं हो पाया है, उसके कारण ‘यूथ फॉर पनून कश्मीर’ संगठन ने अगला कदम उठाने की घोषणा की है ।

Sanatan Ekta Padayatra : ‘सनातन एकता पदयात्रा’ के समय मथुरा में पंडित धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री का स्वास्थ्य बिगडा !

पंडित धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री का स्वास्थ्य पदयात्रा के पहले दिन से ही खराब था; परंतु किसी की भावनाएं आहत न हों, इसलिए उन्होंने यात्रा जारी रखने का निर्णय लिया ।

Jaipur Dialogues SHATRUBODH : तीन दिन में ४२ सत्र संपन्न – ‘शत्रुबोध’ एवं ‘आत्मबोध’ इन विषयों पर विचारमंथन !

‘सिविलाइजेशन शत्रुबोध’ (संस्कृति के विरोध से संबंधित) इस सत्र में डॉ. ओमेंद्र रत्नू, शेफाली वैद्य, एस्थर धनराज, संदीप बालकृष्ण एवं कार्तिक गौर ने ऐतिहासिक झूठी कहानियों के विरोध में आग्रहपूर्ण भूमिका रखी ।

Jaipur Dialogues Shatrubodh : हमारे शत्रु हमारे विचारविश्व में ही छिपे हैं ! – सांसद मीनाक्षी जैन

हमारे शत्रु कहीं बाहर नहीं हैं, इसे हमें समझ लेना आवश्यक है । स्वतंत्रतापूर्व काल में इतिहासकारों ने सत्य को छिपाए बिना इतिहास लिखा; परंतु स्वतंत्रता के उपरांत मार्क्सवाद के प्रभाव में आकर इतिहास को विकृत बनाया गया ।