Savarkar Sadan : डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के लंदन स्थित घर के समान महाराष्ट्र के ‘सावरकर सदन’ को खरीद कर उसका संवर्धन किया जाए !
‘हिन्दू विधीज्ञ परिषद’ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पत्र द्वारा मांग !
‘हिन्दू विधीज्ञ परिषद’ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पत्र द्वारा मांग !
अगस्त २०१८ में महाराष्ट्र आतंकवादविरोधी दल ने श्री. शरद कलसकर को बंदी बनाया था ।
अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर, इतिहासविद् श्री. पांडुरंग बलकवडे सहित ५ व्यक्तियों को पुरस्कार ‘श्री रामनवमी उत्सव समिति’ की ओर से शोभायात्रा का आयोजन पुणे, २७ मार्च (वार्ता.) – यहां के धनकवड़ी क्षेत्र में ‘श्री रामनवमी उत्सव समिति, पुणे’ की ओर से ‘शोभायात्रा रामराज्य की’ एवं ‘हिन्दू शौर्य पुरस्कार’ वितरण समारोह का आयोजन किया गया था । … Read more
महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड के सदस्य रहते हुए पूर्व सांसद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवाई तथा अन्य सदस्यों ने वक्फ बोर्ड के धन का दुरुपयोग किया है । यह अनु प्राप्ति की राशि उनसे वसूल की जाए, ऐसी मांग हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर ने सरकार से की है ।
२० वर्ष के लंबे समय के उपरांत लेखापरीक्षण ब्योरा प्रस्तुत करना, इसे क्या कहा जाए ? इससे ‘महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड भ्रष्टाचार में आकंड डूब गया है ’, ऐसा किसी ने कहा, तो क्या तार्किकदृष्टि से उसका प्रतिवाद करना संभव है ?
कसाब जैसे कुख्यात आतंकवादी को अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है; परंतु कोल्हापुर के आधुनिकतावादियों ने स्व. समीर को अधिवक्ता उपलब्ध नहीं होने दिया, यह दुर्भाग्यजनक है ।’
मीडिया द्वारा की गई अपकीर्ति इतनी बडी थी कि उन्हें नौकरी एवं व्यवसाय में प्रत्येक स्थान पर प्रताडना झेलनी पडी । एक सामान्य किसान परिवार के इस निर्दोष साधक का जीवन जांच एजेंसियों के उत्पीडन एवं प्रगतिशील (पुरोगामी) तत्वों द्वारा की गई अपकीर्ति के कारण नष्ट हो गया ।
कोल्हापुर के सार्वजनिक मूत्रालयों की दुःस्थिति की पृष्ठभूमि पर हिन्दू विधिज्ञ परिषद का महापालिका आयुक्त को पत्र l
‘गजवा-ए-हिन्द’ के जवाब के रूप में वैचारिक ‘गजवा-ए-इस्लाम’ का आरंभ कीजिए ! – ‘रॉ’ के पूर्व अधिकारी कर्नल आर.एस.एन. सिंहजी का आवाहन
‘गजवा-ए-हिन्द’ के जवाब के रूप में वैचारिक ‘गजवा-ए-इस्लाम’का आरंभ कीजिए ! -‘रॉ’के पूर्व अधिकारी आर्.एस्.एन्. सिंह (सेवानिवृत्त) का आवाहन