Bareilly Hindu Exodus : बरेली (उत्तरप्रदेश) के गांव में नमाज पढने को लेकर हुए विवाद से हिन्दू गांव से पलायन हेतु विवश !

बरेली (उत्तरप्रदेश) – जनपद के मोहम्मद गंज गांव में १७ जनवरी २०२६ के दिन गांव के हसीन मिया के घर में अवैध मदरसा बनाकर कुछ लोगों द्वारा नमाजपढने की बात सामने आई । इसके पश्चात पुलिस ने धारा १५१ के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए कुछ लोगों पर दण्ड लगाया । उसके पश्चात भी १४ फरवरी २०२६ को उसी घर में पुनः नमाजपढी गई । हिन्दुओं द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दिए जाने पर पुनः शान्ति भंग करने के प्रकरण में कार्यवाही की गई । इसके पश्चात यह प्रकरण उच्च न्यायालय पहुंच गया । नमाज पढने वालों का कहना है कि , यह उनका मूलभूत एवं लोकतान्त्रिक अधिकार है , तो दूसरी ओर का आरोप है कि , मुसलमान हिन्दुओं पर दबाव डाल रहे हैं , जिससे कुछ हिन्दू परिवारों पर घर छोडने का समय आ रहा है ।

१. बिशारतगंज पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक सतीश ने दोनों पक्षों को समझाए जाने की बात कही । गांव में कोई भी स्थानान्तरण नहीं हुआ है एवं परिस्थिति शान्त होने की बात उन्होंने स्पष्ट की । राष्ट्रीय हिन्दू दल एवं बजरंग दल ने आरोप लगाया कि मुसलमान समाज नई पद्धति का प्रयत्न करते हुए एक घर को मदरसे में परिवर्तित कर रहा है । इससे हिन्दू त्रस्त हैं , ऐसा उन्होंने कहा ।

२. मुसलमानों का कहना है कि, वे अनेक वर्षों से घरों में नमाज पढ रहे हैं एवं इसके पूर्व कोई कठिनाई नहीं थी । सरपंच आरिफ ने कहा कि , ‘न्यायालय जो निर्णय देगा , वह मान्य किया जाएगा’ ।

गांव में समझौते के अनुसार कोई धार्मिक स्थल नहीं

ग्रामवासियों की सूचना के अनुसार कुछ दशकों पूर्व परस्पर समझौता हुआ था कि , गांव में मन्दिर अथवा मस्जिद का निर्माण नहीं किया जाएगा । इसलिए आज तक कोई भी नया धार्मिक स्थल नहीं बनाया गया । लोग घरों में ही पूजा एवं नमाज पढ रहे थे ।

संपादकीय भूमिका 

उत्तरप्रदेश में योगी आदित्यनाथजी की सरकार होते हुए भी मुसलमानों का इस प्रकार का कृत्य करने का साहस होता है , इससे वे कितने उन्मत्त हो गए हैं , यह ध्यान में आता है !