
नई दिल्ली – पासपोर्ट भले ही केवल भारतीय नागरिकों को ही दिया जाता है, तब भी पासपोर्ट होने से किसी व्यक्ति की नागरिकता सिद्ध नहीं होती, ऐसा केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है । कुछ माह पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरावलोकन अभियान के समय ऐसा ही एक महत्त्वपूर्ण निर्णय दिया था, उसमें न्यायालय ने कहा था कि ‘आधार कार्ड’ केवल पहचान का प्रमाण है, वह नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है ।
विदेश मंत्रालय ने नए ‘चिप – आधारित ‘ई-पासपोर्ट’के विषय में जानकारी देते हुए यह स्पष्ट किया कि इस पासपोर्ट में ‘बायोमेट्रिक डाटा’ सुरक्षित होने के कारण विश्वस्तर पर उसे बडी सहजता से स्वीकारा जाता है, साथ ही धोखाधडी एवं फर्जी पासपोर्ट तैयार होने की संभावना बडे स्तर पर घट जाती है ।
१० सहस्त्र से १ लाख लोगों की मृत्यु की आशंका ।
देवस्थान भूमि के संदर्भ में सरकारी देवस्थान समिति की पहली बैठक संपन्न हुई !
New FCRA Rules : ‘धार्मिक कृति’ के नाम पर धर्मांतरण करने वालों के विदेशी दान पर केंद्र सरकार का प्रहार
विधान मंडल के वाहन तल में लावारिस स्थिति में १५ से अधिक वाहन पडे हैं ।
Maharashtra Uniform Civil Code : महाराष्ट्र में लागू किया जाएगा समान नागरिक संहिता का प्रारूप ! – योगेश कदम, गृहराज्यमंत्री
महाराष्ट्र में ४ महीनों में २५४ करोड ५३ लाख रुपये के नशीले पदार्थ अधिग्रहित ! – CM Devendra Fadnavis