
नई दिल्ली – पासपोर्ट भले ही केवल भारतीय नागरिकों को ही दिया जाता है, तब भी पासपोर्ट होने से किसी व्यक्ति की नागरिकता सिद्ध नहीं होती, ऐसा केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है । कुछ माह पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरावलोकन अभियान के समय ऐसा ही एक महत्त्वपूर्ण निर्णय दिया था, उसमें न्यायालय ने कहा था कि ‘आधार कार्ड’ केवल पहचान का प्रमाण है, वह नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है ।
विदेश मंत्रालय ने नए ‘चिप – आधारित ‘ई-पासपोर्ट’के विषय में जानकारी देते हुए यह स्पष्ट किया कि इस पासपोर्ट में ‘बायोमेट्रिक डाटा’ सुरक्षित होने के कारण विश्वस्तर पर उसे बडी सहजता से स्वीकारा जाता है, साथ ही धोखाधडी एवं फर्जी पासपोर्ट तैयार होने की संभावना बडे स्तर पर घट जाती है ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न
श्रीराम मंदिर को सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी की नहीं, रामभक्त की आवश्यकता !
Drugs, Cricket, Terror Funding : पाकिस्तानी क्रिकेटर भारत के दौरे पर होते समय कर रहे थे मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी !
Telangana AI Training : तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ८० हजार अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा डिजिटल सुरक्षा का निःशुल्क प्रशिक्षण देगी !
वर्ष २०२२-२३ में मुंबई के ४ सहस्र ६३ वृक्ष कंक्रीटीकरण (काँक्रिटीकरण) से मुक्त, परंतु अभी भी वे प्रकार निरंतर जारी