नियमों का उल्लंघन करने वाले भोजनालय, रेस्टोरेंट तथा ढाबों के मालिकों को बख्शा नहीं जाएगा ! – Commissioner Tukaram Mundhe

आयुक्त तुकाराम मुंढे

मुंबई — खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से राज्य में ‘सुरक्षित अन्न, निरोगी महाराष्ट्र’ अभियान चलाया जा रहा है । इसके माध्यम से ग्राहकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी । इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वाले भोजनालय, रेस्टोरेंट तथा ढाबों के मालिकों को बख्शा नहीं जाएगा, ऐसी चेतावनी आयुक्त तुकाराम मुंढे ने दी । उन्होंने कहा, “प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार भोजनालय का रसोईघर होना चाहिए । उसमें अस्वच्छता दिखाई देने पर किसी को भी नहीं छोडा जाएगा ।”

भोजनालय के रसोईघर के संबंध में आयुक्त द्वारा बताए गए नियम

१. दीवारों तथा फर्श पर टाइलें लगी होनी चाहिए ।

२. वे टाइलें धोने योग्य हों तथा उनमें से पानी का रिसाव न हो ।

३. पर्याप्त वायु संचार होना चाहिए ।

४. एग्जॉस्ट (गरम हवा बाहर निकालने वाला पंखा) लगा होना चाहिए ।

५. कच्चे माल के भंडारण तथा भोजन पकाने के लिए अलग-अलग विभाग होने चाहिए ।

६. कच्चा तथा पका हुआ भोजन अलग-अलग रखा जाना चाहिए ।

७. शाकाहारी तथा मांसाहारी भोजन को अलग रखा जाना चाहिए ।

८. इलेक्ट्रॉनिक फ्लाई ट्रैप (मक्खियां पकडने का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण) लगाए जाने चाहिए ।

९. पेस्ट कंट्रोल (कीट नियंत्रण) नियमित रूप से कराया जाना चाहिए ।

१०. भोजन क्षेत्र में कीडे, कौकरोच, छिपकली तथा चूहों का प्रकोप नहीं होना चाहिए ।

११. ग्राहकों के लिए पानी, साबुन तथा हाथ पोंछने हेतु तौलिया उपलब्ध होना चाहिए ।

१२. ग्राहकों को शुद्ध तथा सुरक्षित पेयजल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाना चाहिए ।