हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश) में एक हिन्दू युवक की हत्या के उपरांत धर्मांध कट्टरपंथी अभियुक्तों के घरों में ग्रामीणों ने तोड-फोड की !

कट्टरपंथी धर्मांधों द्वारा हिन्दुओं की हत्याओं के साथ-साथ उन पर होने वाले आक्रमण नहीं रुक रहे हैं और पुलिस भी इन प्रकरणों को रोकने और धर्मांधों में डर बैठाने में विफल होने के कारण, यदि  हिन्दू भडक उठे तो इसके लिए कौन उत्तरदायी है ? इसका विचार होना अति आवश्यक है !

जमशेदपुर (झारखंड) कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं पर आक्रमण !

से आक्रमण होना झारखंड मुक्ति मोर्चा जैसी हिन्दू द्रोही पार्टी को सत्तारूढ करनेवाले हिन्दुओं के लिए दंड ही है !

पीडित हिन्दुओं से भेंट करने गए राष्ट्रीय मानवाधिकार समिति को पुलिस ने रोका !

बंगाल की तृणमूल कांग्रेस की हिन्दूद्रोही एवं कानूनद्रोही सरकार ! अब तो केंद्र सरकार को बंगाल के हिन्दुओं की रक्षा के लिए राष्ट्रपति शासन लागू करना आवश्यक है !

क्षुद्र कारण से छत्तीसगढ के गांव में मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं के घरों पर तलवार से आक्रमण ! : एक हिन्दू की मृत्यु

छत्तीसगढ में कांग्रेस अर्थात पाकिस्तानी राज होने से वहां के हिन्दुओं की रक्षा होना निश्चित रूप से आवश्यक है ! इस स्थिति में परिवर्तन लाने हेतु राज्य के हिन्दुओं को संगठित होकर उनकी रक्षा करनेवालों को चुन कर लाना आवश्यक है !

(इनकी सुनिए…) ‘मुगलों द्वारा ८०० वर्षों तक भारत पर शासन करने से उनका इतिहास मिटाया नहीं जा सकता !’

हिन्दुओं पर अत्याचार करनेवाले मुगलों से मुसलमान प्रेम व्यक्त करते हैं, तब भी ‘हिन्दुओं को मुसलमानों के साथ धर्मनिरपेक्षता से आचरण करना चाहिए’, ऐसी अपेक्षा करते हैं, यह संतापजनक !

बंगाल से ८१ सहस्त्र  डेटोनेटर (विस्फोटक) और २७ सहस्त्र किलो अमोनियम नाइट्रेट की तस्करी करने वाले २ जिहादी बंदी !

बंगाल जिहादी गतिविधियों का केंद्र बन गया है और इस प्रकार भारत की सुरक्षा धोखे  में  है । इसे ध्यान में रखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए !

भारत में हिन्दुओं के त्यौहार पुलिस सुरक्षा में क्यों मनाने पडते हैं ? – ‘वॉइस ऑफ बांग्लादेशी हिन्दूज’ का प्रश्न

भारत में श्रीरामनवमी की शोभायात्राओं पर धर्मांध मुसलमानों द्वारा हुए आक्रमणों के उपरांत हनुमान जयंती की शोभायात्राओं को सुरक्षा दी गई थी । इस पृष्ठभूमि पर यह ट्वीट किया गया है ।

प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ विधायक टी. राजा सिंह को बंदी बनाया एवं छोडा !

हिन्दुओं की धार्मिक फेरियां यदि मस्जिद मार्ग से जाएं, तो कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा आक्रमण किया जाता है, कट्टरपंथियों को पुलिस ने सावधानी के रूप में बंदी बनाया, क्या कभी ऐसा सुना है ? यदि पुलिस इतनी तत्पर होती, तो हिन्दुओं की फेरियों पर एक भी आक्रमण न हुआ होता

हल्द्वानी (उत्तराखंड) ८०० मुसलमानों के विरोध में अपराध प्रविष्ट

हल्द्वानी स्थित एक अवैध इमारत में सामूहिक नमाज पढने पर हिन्दू संगठनों के नेताओं ने आपत्ति जताई । इस समय लगभग ७०० से ८०० मुसलमानों ने कोतवाली में राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर प्रदर्शन किए । इस समय पुलिस पर भी आक्रमण किए गए ।

(और इनकी सुनिए…) ‘भारत में मुसलमानों को जानबूझकर लक्ष्य किया जा रहा है !’ – ओ.आई.सी.

ओ.आई.सी. का वक्तव्य कट्टर मानसिकता का उदाहरण है ! – भारत ने लगाई फटकार !