उत्तराखंड सरकार द्वारा अंतत: चारधाम सहित ५१ मंदिरों का सरकारीकरण निरस्त !

अब पूरे देश में सरकारीकरण किए गए मंदिरों के विरोध में सभी पुजारी, धार्मिक संगठन और हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों को एकत्रित होकर आंदोलन करना चाहिए तथा देश के प्रत्येक मंदिर को सरकारीकरण से मुक्त करना चाहिए !

एनसीईआरटी ने विद्यालयीन पाठ्यपुस्तकों में राष्ट्रीय पुरुषों के चरित्र का भारी मात्रा में विकृतीकरण किया !

विविध माध्यमों द्वारा एनसीईआरटी द्वारा शिक्षा का विकृतीकरण अनेक बार उजागर होते हुए भी उसे विसर्जित क्यों नहीं किया गया ?

बिहार में सभी सार्वजनिक मंदिरों को ४ प्रतिशत कर देना होगा !

पाकिस्तान, बांग्लादेश इत्यादि देशों में भी जो नियम नहीं, वह जनता दल (संयुक्त) और भाजपा की सत्तावाले बिहार में लागू होना लज्जाजनक !

पाकिस्तान में, ईशनिंदा के आरोप में श्रीलंकाई नागरिक को जीवित जलाया गया !

पाकिस्तान में कानून एवं व्यवस्था का अस्तित्व ही नहीं है, यही यह घटना स्पष्ट करती है ! क्या भारत में तथाकथित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रतावाले, श्रीलंकाई नागरिक के पक्ष में खडे होंगे ? क्या वे न्यूनतम धर्मांधों के इस कृत्य का विरोध करेंगे ?

असम में हमने लगभग ७०० मदरसे बंद किए ! – असम के मुख्यमंत्री हिम्मत बिस्व सरमा

मुसलमानों को मदरसों में न जाकर डॉक्टर एवं अभियंता बनकर समाज की सहायता करनी चाहिए । मुसलमानों के हित के लिए ही मदरसे बंद किए हैं, ऐसा विधान असम के मुख्यमंत्री हिम्मत बिस्व सरमा ने एक समाचार वाहिनी के कार्यक्रम में किया ।

जालोर (राजस्थान) में चोरी के उद्देश्य से मंदिर के वृद्ध पुजारी की हत्या

चाहे किसी भी दल की सरकार हो, वह पुजारी, साधु, संतों की सुरक्षा करने में सदैव ही असफल होती है । यह स्थिति हिन्दू राष्ट्र की अनिवार्यता स्पष्ट करती है ।

बांग्लादेश के हिन्दुओं की दयनीय स्थिति !

‘वर्ल्ड हिन्दू फेडरेशन बांग्लादेश’ शाखा की जानकारी यह है कि १३ से १७ अक्टूबर इन ५ दिनों में ३३५ मंदिरों की तोडफोड की गई । हिन्दुओं के १ सहस्र ८०० घर जलाएं गए । बांग्लादेश के कॉमिला, जानपुर, नौखाली, वडगाव बाजार, नवाबगंज, रंगपुर में सबसे अधिक आक्रमण किए गए ।

देहली की ‘चंगाई सभाओं’ द्वारा हिन्दुओं का धर्मांतरण किए जाने के विरोध में हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों द्वारा प्रदर्शन !

आंदोलन में विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, हिन्दू जनजागृति समिति इत्यादि हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के कार्यकर्ता, साथ ही स्थानीय हिन्दू विशाल संख्या में सहभागी हुए थे । इनमें महिलाएं भी सम्मिलित थीं ।

समष्टि साधना करने से जीव जन्म-मृत्यु के चक्र से शीघ्र मुक्त हो जाता है ! – पूजनीय नीलेश सिंगबाळ, धर्मप्रचारक, हिन्दू जनजागृति समिति

हम विज्ञान में इतनी प्रगति कर चुके हैं; परंतु छोटा सा कठिन प्रसंग हमारे जीवन में आने से हम निराश होकर हार मान लेते हैं । लाक्षागृह, चीरहरण, १४ वर्ष का वनवास, अज्ञातवास, इन सभी प्रसंगों से ध्यान में आता है कि जीवन में साधना और ईश्वर के प्रति अखंड विश्वास के बल पर हमारा रक्षण कैसे हो सकता है ।

गोहत्या बंदी कानून और गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करें !

ऐसी मांग करनी पडती है ? अभी तक की सरकारों द्वारा गोहत्या बंदी कानून और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना आवश्यक था, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है !