बागपत (उत्तरप्रदेश) के एक गांव में गाय के शरीर पर ‘७८६’ लिखने से तनाव !

हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर भड़काने के लिए धर्मांधों की ओर से ऐसे काम किए जाते हैं । इस विषय में धर्मनिरपेक्षतावादी क्यों नही बोलते ?

जब गाय का कल्याण होगा, तभी जाकर देश का कल्याण होगा ! – इलाहाबाद उच्च न्यायालय

गाय की रक्षा करने का कार्य किसी एक धर्म अथवा पंथ का नहीं है, अपितु गाय भारतीय संस्कृति है । देश में रहनेवाले प्रत्येक नागरिक को, चाहे वह किसी भी धर्म का हो; उसे इस संस्कृति को बचाने का काम करना चाहिए ।

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत ! – मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली

यदि ऐसा है, तो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड संपूर्ण देश के लिए कानून बनाने की मांग क्यों नहीं करते ?

गोमूत्र की सहायता से जलप्रदूषण पर परिणामकारी उपाय !

कोल्हापुर के युवा वैज्ञानिकों द्वारा किया गया विशेषतापूर्ण शोध विश्वस्तर पर ख्यातिप्राप्त ‘नेचर’ नियतकालिक में प्रकाशित !