गाय को राष्ट्रमाता घोषित करो ! – पू. किशोरशास्त्री दवे

अब तक गाय पर अनेक बार संशोधन (शोध) हुआ है तथा आगे भी होता रहेगा । देवताओं एवं ऋषि-मुनियों ने भी गाय की महिमा का वर्णन किया है । अंग्रेज गाय की चर्बी कारतूसों में उपयोग करने वाले थे; इसलिए क्रांतिकारी मंगल पांडे ने बलिदान दिया ।

गोवंश की हत्या के विरोध में उत्तर प्रदेश पुलिस, प्रशासन एवं उच्च न्यायालय की उचित भूमिका !

इस प्रकरण की विशेषता यह है कि जंगल में घटित गोवंश की हत्या के विषय में भी उत्तर प्रदेश के हिन्दुत्वनिष्ठों ने जागरूकता से आंदोलन किया । उसका संज्ञान लेते हुए पुलिस एवं प्रशासन ने आरोपियों पर तुरंत बंदी बनाने की कार्रवाई की । दुर्भाग्य से महाराष्ट्र में ऐसा होना दुर्लभ है ।’

Cow Slaughter Ban : राष्ट्रव्यापी गोहत्या-निषेध लागू करने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है ! – केंद्र सरकार

गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने तथा पूरे देश में गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने की मांग समय-समय पर विभिन्न संगठनों एवं सांसदों द्वारा की जाती रही है । नागरिक भी आवेदन एवं ज्ञापन प्रस्तुत कर ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग करते हैं l

Assam Cow Slaughter : श्रीभूमि (असम) में मंदिर की दानपेटी पर गाय का कटा हुआ सिर मिला ।

असम में भाजपा की सरकार होते हुए ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिएं , ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है ।

Indore Shehar Qazi : गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए !

क्या उनका आशय यह है कि गाय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किए जाने के पश्चात मुसलमान गोहत्या करना बंद कर देंगे ?

National Animal Cow : गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए ।

आगरा (उत्तर प्रदेश) में नमाज अदा करने के उपरांत ‘उत्तर प्रदेश मुस्लिम महापंचायत’ की केंद्र सरकार से मांग।

गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित किया जाए – Maulana Arshad Madani

मुसलमानों की ‘नाक’ दबाने के उपरांत अब उनका ‘मुंह’ इस प्रकार खुलने लगा है ।अब सरकार को इस मांग पर विचार कर निर्णय लेना चाहिए, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है ।

गोमाता की तस्करी तथा हत्या सहन नहीं की जाएगी । – Pratap Sarnaik

बकरी ईद की पृष्ठभूमि में राज्य में गोमाता की अवैध ढुलाई, अवैध बूचडखानों तथा गोवंशों पर होनेवाले अमानवीय अत्याचारों के विरुद्ध राज्य सरकार ने कठोर रुख अपनाया है ।

महागांव (जिला यवतमाल, महाराष्ट्र) में गोतस्करों के आक्रमण में गोरक्षक की मृत्यु

गोप्रेमियों के महाराष्ट्र में कितने गोरक्षकों की हत्याएं होने दी जाएंगी । राज्य में भाजपा की सरकार होते हुए ऐसी घटनाएं होना हिन्दुओं को तथा गोरक्षकों को अपेक्षित नहीं हैं ।

संपादकीय : ‘गोमाता’ को न्याय कब मिलेगा ?

कई लोगों को लगेगा कि ६० वर्ष पहले की इस घटना को बताने का क्या उद्देश्य है ? तो यह प्रश्न ही तर्कसंगत नहीं है । १०० करोड हिन्दुओं के देश में स्वतंत्रता को ८ दशक होनेवाले हैं, तब भी हिन्दुओं की प्राणप्रिय गोमाता का राज्यसत्ता द्वारा संरक्षण नहीं हो रहा, यह एक विडंबना है ।