(और इनकी सुनिए…) ‘मंदिर में मेरे साथ जातिभेदभाव किया गया !’ – के. राधाकृष्णन्, केरल

के. राधाकृष्णन् राज्य के मंदिर व्यवहारमंत्री हैं, तो उन्हें मंदिर का नाम बताना चाहिए । इसप्रकार मंत्री का कोई अनादर करता हो, तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए; परंतु जाति के नाम पर यदि हिन्दू धर्म की जानबूझकर आलोचना करने का प्रयत्न हो रहा हो, तो हिन्दुओं को उसका वैध मार्ग से विरोध करना भी आवश्यक है !

(और इनकी सुनिए…) ‘देश में ‘मनुस्मृति’ लागू होने पर ९५% लोग गुलाम होंगे ! – सिद्धरामय्या, मुख्यमंत्री, कर्नाटक

मनुस्मृति का सही अध्ययन किया तो यह कितनी उपयुक्त है, यह सिद्धरामय्या के ध्यान में आएगा; परंतु पारंपरिक वोट पाने के लिए आजकल मनुस्मृति की इस प्रकार आलोचना करने की नेताओं में होड लगी है, इसी का यह एक उदाहरण है !

(और इनकी सुनिए…) श्रीरामचरितमानस में ‘पोटैशियम साइनाईड’ (घातक विष) है ! – प्रा. चंद्रशेखर, शिक्षामंत्री, बिहार

वे ‘हिन्दी दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में इस प्रकार का विष-वमन (जहर उगलना) कर रहे थे । चंद्रशेखर ने इससे पूर्व भी श्रीरामचरितमानस की आलोचना की थी । साथ ही एक कार्यक्रम में मुहम्मद पैगंबर को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ कहा था ।

(और इनकी सुनिए…) ‘सनातन धर्म डेंगू के बुखार समान है, इसे नष्ट करना चाहिए ! – प्रकाश राज

प्रकाश राज को ही इसके पहले डेंगू को नष्ट करके दिखाना चाहिए ! मुंह है इसलिए इस प्रकार के विधान किया जा रहे हैं । सनातन धर्म को मानने वाले सहिष्णु होने के कारण वे कानून हाथ में लेकर ऐसों को सबक नहीं सिखाते !

गदर २, द कश्मीर फाइल्स एवं द केरल स्टोरी इन चलचित्रों को मिली लोकप्रियता निराशाजनक ! – अभिनेता नसिरुद्दीन शाह

ऐसे लोगों के चलचित्रों का अब हिन्दुओं को बहिष्कार कर उनको हिन्दू एकजुट की झलक दिखानी होगी !

(और इनकी सुनिए …) ‘भविष्य में भारत में हिन्दु धर्म नहीं रहेगा !’ – आयआयटी देहली की प्राध्यापिका दिव्या द्विवेदी

यह पृथकता से कहने की आवश्यकता नहीं है कि ऐसी द्वेषी प्राचार्या छात्रों को क्या सिखाती होगी ? शासन को ऐसे लोगों पर कार्यवाही करनी चाहिए !

(और इनकी सुनिए…) ‘सनातन धर्म के विरुद्ध आगे २०० वर्ष तक बोलते रहेंगे !’ – उदयनिधि स्टालिन

सहस्रों वर्षों से असुर एवं कुछ शतक मुगलों ने सनातन धर्म नष्ट करने का प्रयास किया; परंतु सनातन धर्म आज भी जीवित है, तथा उसे नष्ट करनेवाले स्वयं ही नष्ट हुए हैं, यही दुहराते रहनेवाला है !

बिहार के शिक्षा मंत्री और रा.ज.द. नेता चंद्रशेखर यादव ने पैगम्बर मुहम्मद को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ कहा !

इस ब्रह्मांड में केवल एक ही ‘मर्यादा पुरूषोत्तम’ हैं और वे हैं भगवान श्री राम ! मुसलमानों के मत पाने की लालसा में ऐसे वक्तव्य देनेवालों का वैधानिक पद्धति से विरोध किया जाना चाहिए !

(और इनकी सुनिए…) ‘उदयनिधि को सनातन धर्म पर अपना मत प्रस्तुत करने का अधिकार’ – कमल हासन

यदि इस्लाम के विरुद्ध कोई मत प्रस्तुत करता है, तो उसको सर तन से जुदा (सर धड से अलग करना) करने की धमकी दी जाती है । क्या उनसे कभी कमल हासन ने चर्चा करने का परामर्श दिया ? क्या कभी नुपूर शर्मा के प्रकरण में हासन ने मुंह खोला ? क्या उन्होंने कभी कन्हैयालाल के सर धड से अलग करने के वक्तव्य पर मुंह खोला ?

(और इनकी सुनिए…) ‘उदयनिधि का हेतु धर्म एवं परंपरा को आहत करने का नहीं था !’ – तमिलनाडू के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन

उदयनिधि का दल (द्रमुक) हिन्दू धर्म विरोधी है, उसकी विचारधारा ऐसी ही है, यह बात विश्व जानता है । इसलिए उदयनिधि का वक्तव्य सनातन धर्म के विरुद्ध ही है, इसमें किसी को संदेह नहीं है !