‘स्कायरूट एयरोस्पेस’ नामक निजी संस्थान के ‘विक्रम-१’ ने रचा इतिहास !

श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) – यहां के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से तेलंगाना के भाग्यनगर (हैदराबाद) के ‘स्कायरूट एयरोस्पेस’ इस निजी संस्थान ने १८ जुलाई को ‘विक्रम-१’ यह ‘ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट’ (शक्तिशाली रॉकेट, जो किसी उपग्रह को या अंतरिक्ष यान को पृथ्वी के वातावरण के बाहर ले जाकर ‘लो अर्थ ऑर्बिट’ या उससे उच्च कक्षा में स्थापित करने में पूर्ण रूप से सक्षम होता है) सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया । यह भारत का पहला निजी तौर पर विकसित किया गया रॉकेट है । इस अभियान को ‘आगमन’ नाम दिया गया है । रॉकेट की उडान सुबह ११.३० बजे होने वाली थी; परंतु उसे आगे बढाकर दोपहर १२ बजकर ५ मिनट पर किया गया । १८ नवंबर २०२२ को ‘स्कायरूट’ ने भारतीय भूमि से अंतरिक्ष में पहुंचनेवाला पहला निजी रॉकेट ‘विक्रम-एस’ सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया था; उसके पश्चात लगभग ३ वर्षों में यह नया कीर्तिमान हुआ है । स्कायरूट के अनुसार, इस मुहिम (मिशन) का उद्देश्य ‘विक्रम-१’ के प्रदर्शन एवं उसमें समाहित प्रमुख तकनीकों की उडान के समय जांच करना, यह है । इस परीक्षण से मिलनेवाली जानकारी (डेटा) भविष्य के अभियानों में अधिक सुधार करने के लिए उपयोगी है तथा नियमित प्रक्षेपण प्रारंभ करने में सहायता करेगी ।
🚀 India Scripts Space History!
First successful satellite launch by an Indian private company
Skyroot Aerospace's 'Vikram-1' marks a new era for India's space sectorKey Highlights:
🇮🇳 Hyderabad-based Skyroot Aerospace successfully launched Vikram-1, India's first privately… pic.twitter.com/olaqDKtMj3
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) July 18, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई !
प्रधानमंत्री मोदी का इस प्रक्षेपण पर ध्यान था । प्रक्षेपण सफल होने के उपरांत उन्होंने उपस्थित लोगों से दूरभाष (मोबाइल) पर संपर्क करते हुए कहा कि, यह देश के युवाओं को प्रेरणा देने वाली घटना है । मैं आपकी युवा टीम को बधाई देता हूं । देश के युवाओं पर विश्वास रखना चाहिए । ‘आगमन’ को और आगे ले जाना है । ‘आत्मनिर्भर भारत’ का उपहास उडाया जा रहा था । आपकी टीम ने यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ करके दिखाया है ।
‘वन्दे मातरम् कार्ड’ अंतरिक्ष में भेजा गया !
‘वन्दे मातरम्’ को १५० वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम हाथ में लिए गए हैं । इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ‘वन्दे मातरम्’ ऐसा लिखा हुआ कार्ड भी इस रॉकेट के माध्यम से अंतरिक्ष में भेजा गया ।
क्या है ‘विक्रम-१’ ?
‘विक्रम-१’ २४ मीटर ऊंचा, ३ चरणों वाला ‘ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल’ (अंतरिक्ष कक्षीय प्रक्षेपण वाहन) है । यह रॉकेट ३५० किलो वजन तक के ‘पेलोड्स’ (रॉकेट के माध्यम से भेजे जानेवाले उपग्रह) ६० डिग्री झुकी हुई ४५० कि.मी. की ‘लो अर्थ ऑर्बिट’ में (पृथ्वी के सबसे पास स्थित अंतरिक्ष कक्षा) ले जाने में सक्षम है । इस पहले अभियान में एक ‘ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल’ भी (उपग्रह का अंतरिक्ष में रास्ता या उसकी दिशा परिवर्तित करनेवाला और उसे नियंत्रित रखने वाला इंजन) समाहित है, जो प्रक्षेपण के पश्चात उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षा में स्थापित कर सकता है ।
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