Vande Mataram : ‘वन्दे मातरम्’ का अपमान करने पर ३ वर्ष तक का कारावास होगा !

केंद्र सरकार मानसून सत्र में लाएगा महत्त्वपूर्ण विधेयक

नई दिल्ली – केंद्र सरकार २० जुलाई से आरंभ होनेवाले संसद के मानसून सत्र में कई महत्त्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत करनेवाली है । इनमें सर्वाधिक चर्चा ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (संशोधन) विधेयक’ इस विधेयक की है । इस प्रस्तावित कानून के माध्यम से राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ का अपमान करना, उसका गायन जानबूझकर रोकना या उसमें बाधा डालना जैसे कृत्यों को दंडनीय अपराध बनाने की तैयारी चल रही है । केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस विधेयक को पहले ही स्वीकृति दे दी है । इसे सबसे पहले राज्यसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा ।

१. ‘राष्ट्रीय सम्मान से जुडे अन्य प्रतीकों की भांति ही ‘वन्दे मातरम्’ को भी कानूनी संरक्षण देना आवश्यक है । स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका के कारण वन्दे मातरम् जिस सम्मान का हकदार था, वह सम्मान पूर्व की धर्मनिरपेक्ष सरकारों ने नहीं दिया’, ऐसा सरकार का लंबे समय से कहना है ।

२. प्रस्तावित संशोधन लागू होने के उपरांत वन्दे मातरम् गीत को राष्ट्रध्वज, राष्ट्रगीत ‘जन गण मन’ आदि राष्ट्रीय सम्मान के प्रतीकों की श्रेणी में कानूनी संरक्षण मिलेगा । यदि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर राष्ट्रीय गीत का अपमान किया, उसका गायन रोका, गायन के समय व्यवधान डाला या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हंगामा करके बाधा उत्पन्न की, तो उसके विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है ।

३. ऐसे मामलों में अधिकतम ३ वर्ष तक के कारावास का प्रावधान प्रस्तावित है । जिन सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘जन गण मन’ बजाया अथवा गाया जाता है, वहां ‘वन्दे मातरम्’ का गायन भी अनिवार्य करने के निर्देश सरकार ने गृह मंत्रालय के माध्यम से पहले ही दे दिए हैं । अब इस व्यवस्था को कानूनी बल देने की दृष्टि से यह संशोधन किया जा रहा है ।

संपादकीय भूमिका

केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया यह महत्त्वपूर्ण कदम है तथा ऐसा विधेयक लाना, एक प्रशंसनीय निर्णय है !