Bullet Train Project : बुलेट ट्रेन परियोजना में विलंब के लिए भारतीय मंत्री का व्यवहार उत्तरदायी

  • जापान के पूर्व मंत्री का गंभीर आरोप 

  • भारतीय दल ने अपनी सुविधा के अनुसार शर्तें बदलीं 

  • किए गए आश्वासन पूरे नहीं किए 

जापान के पूर्व न्यायमंत्री हिदेकी माकिहारा

टोकियो (जापान) – भारत-जापान बुलेट ट्रेन परियोजना के संबंध में जापान के पूर्व न्यायमंत्री हिदेकी माकिहारा ने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर लिखकर भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं । ‘इस परियोजना में विलंब होने का सबसे बडा कारण भारतीय मंत्रियों का व्यवहार है’, ऐसा गंभीर आरोप उन्होंने लगाया है ।

माकिहारा ने आगे कहा कि,

१. मैं स्वयं इस परियोजना से संबंधित था तथा जापानी दल ने इस परियोजना के लिए बहुत परिश्रम किया, परंतु अपेक्षित परिणाम नहीं मिले ।

२. इस परियोजना पर कार्यरत भारत के दल ने अनेक बार किए गए आश्वासन पूरे नहीं किए । समझौते किए, किंतु बाद में उनसे पीछे हट गए । भारतीय दल अंतिम क्षण तक अपनी सुविधा के अनुसार शर्तें बदलता रहा । इसी कारण बुलेट ट्रेन परियोजना आगे नहीं बढ सकी ।

३. जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची १ से ३ जुलाई की अवधि में भारत दौरे पर आई थीं, किंतु उनके इस दौरे से भी कोई ठोस परिणाम नहीं निकला । इस दौरे के समय दोनों देशों ने १२९ समझौतों की घोषणा की थी । इन समझौतों का उद्देश्य निवेश, उद्योग, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास तथा आपूर्ति शृंखला सहयोग को सुदृढ करना था ।

४. मुझे १०० प्रतिशत निश्चिंतता है कि यह परियोजना आगे न बढने के लिए भारत ही उत्तरदायी है ।

भारत की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं है ।

माकिहारा द्वारा भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद केंद्र सरकार अथवा मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना से संबंधित अधिकारियों ने अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है ।

वर्ष २०१७ में परियोजना आरम्भ हुई थी ।

देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलेगी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने १४ सितंबर २०१७ को कर्णावती में इस परियोजना का उद्घाटन किया था । दोनों शहरों के बीच ५०८ किलोमीटर की दूरी है । सामान्य रेलगाडी से यह दूरी तय करने में लगभग ७-८ घंटे लगते हैं । बुलेट ट्रेन द्वारा यह दूरी ३ घंटे में पूरी की जा सकेगी ।

संपादकीय भूमिका

सामान्यतः भारतीयों को सरकारी तंत्र का जैसा अनुभव होता है, वैसा ही एक विदेशी व्यक्ति को भी होना, सरकार के लिए लज्जास्पद है ।