जुबान फिसलने से ऐश्‍वर्या बच्‍चन का नाम निकल गया, इसके लिए मैं शर्मिंदा हूं !

जुबान फिसलने जैसे कारणों को कहना ढोंग है, सच में तो इसका मुख्‍य कारण हिन्‍दू तथा भारत द्वेष है, यह भारतीयों को पता है !

केरल में मुसलमान युवा संगठन द्वारा फिलिस्‍तीन के समर्थन में आयोजित ऑनलाईन सभा में हमास के नेता द्वारा मार्गदर्शन !

ऐसी सभा को केरल की सरकार ने अनुमति कैसे दी ? इसकी जांच केंद्र सरकार को करनी चाहिए !

Acharya Pramod Krishnam on Congress : कांग्रेस के कुछ नेता श्रीराममंदिर एवं श्रीराम का तिरस्कार करते हैं !

कांग्रेस के नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम् द्वारा घर को उपहार  !

असम में हिन्दू पुजारियों को ‘बलात्कारी’ कहनेवाले कांग्रेस के मुसलमान विधायक को बनाया बंदी !

मौलाना (इस्लामी अभ्यासक), मौलवी (इस्लाम के धार्मिक नेता) आदि बलात्कारों के प्रकरण में पकडे जाते हैं, तब उस विषय में कांग्रेस के विधायक मौन साध लेते हैं, यह ध्यान में रखें !

किसी को भी किसी भी विचारधारा को नष्ट करने का अधिकार नहीं है! – मद्रास उच्च न्यायालय

जनसामान्य का विचार है कि माननीय न्यायालय को मात्र फटकार लगाकर, निंद्य कृति करने वालों इस प्रकार छोडना नहीं चाहिए, बल्कि संबंधित पुलिस के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और आरोपियों को बंदी बनाने का आदेश भी देना चाहिए !

BHU Communist : वाराणसी के बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में साम्यवादियों द्वारा हिन्दू विरोधी नारे !

‘मोदी-योगी मुर्दाबाद’ के भी लगाए नारे !
साम्यवादियों के हिन्दूद्वेष को समझ लें !

पंडिताराध्य शिवाचार्य स्वामी का हिन्दूद्वेषी वक्तव्य, श्री गणपति की स्तुति करना, एक अंधश्रद्धा !

सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसे वक्तव्य तथाकथित स्वामी करते रहते हैं, इसीका यह एक उदाहरण ! ऐसे लोगों पर अपराध प्रविष्ट कर उनपर कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए !

(और इनकी सुनिए…) दुर्गादेवी का अस्तित्व काल्पनिक है !’ – बिहार राष्ट्रीय जनता दल के विधायक फतेह बहादुर सिंह

धर्मश्रद्धाओं का अपमान करने वालों पर कार्यवाही न होना हिन्दुओं के लिए लज्जास्पद !

हिन्दू राष्ट्र की मांग करनेवाले देश के शत्रु ! – मौर्य

ध्यान दें कि जो लोग हिन्दू राष्ट्र की मांग करते हैं, वे धर्मनिरपेक्ष राज्य व्यवस्था के विरोधी हैं, जो देश को रसातल में ले जा रही है, जो मुसलमानों का तुष्टीकरण कर रही है और मौर्य के वक्तव्यों को सहन कर रही है!

(अब इनकी सुनिए…) ‘हिन्दू धर्म में वेश्या के पुत्र को शूद्र कहते हैं ।’ – प्राध्यापक के.एस. भगवान

ऐसे प्राध्यापकों ने छात्रों को किस प्रकार की शिक्षा दी होगी, इसका अनुमान भी नहीं लगा सकते । शिक्षक नीतिमत्ता की शिक्षा देकर छात्रों पर संस्कार करते हैं; परंतु यहां ऐसे प्राध्यापक समाज में द्वेष फैला रहे हैं ।