POK Protest UN : पाक अधिकृत कश्मीर में आंदोलनकारियों पर हो रहे दमनतंत्र पर संयुक्त राष्ट्रों ने चिंता व्यक्त की ।

आंदोलन करनेवाले नेताओं को बंदी बनाया जाना तथा इंटरनेट बंद रखने पर प्रश्न पूछा ।

जिनेवा (स्वित्जर्लेंड) : पाक अधिकृत कश्मीर में स्थानीय लोगों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने तीव्र चिंता व्यक्त की है । संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने इस क्षेत्र में बढते तनाव की पृष्ठभूमि पर संयम रखने का आवाहन किया है तथा आंदोलनकारियों सहित सुरक्षा बलों के सैनिकों की मृत्युओं की निष्पक्ष, शीघ्र एवं सर्वसमावेशी जांच की मांग की है, साथ ही इस संपूर्ण क्षेत्र में इंटरनेट सेवा पूर्ववत् प्रदान करने का भी आवाहन किया है ।

तुर्क ने कहा कि इस घटना का उत्तरदायित्व निश्चित करने के लिए आंदोलनकारियों एवं सुरक्षा बलों के सैनिकों की मृत्यु की घटनाओं की पारदर्शी जांच होनी चाहिए । बंदी बनाए गए ‘ज्वाईंट एक्शन कमिटी’ के नेताओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए तथा उन्हें उनके परिजनों से संपर्क करने का अवसर दिया जाना चाहिए । इसके साथ ही उनकी निष्पक्ष सुनवाई की तथा कानूनी प्रक्रिया के सभी अधिकारियों की संपूर्ण आश्वस्तता करा देनी चाहिए । इस क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है । इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाए जाने से जनता के जानकारी प्राप्त करने के, उसे प्रसारित करने के तथा अपने विचार व्यक्त करने के अधिकार प्रभावित हुए हैं । शाश्वत शांति एवं स्थिरता का मार्ग केवल संवाद एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ही संभव है ।

संपादकीय भूमिका

पाक अधिकृत कश्मीर में विगत अनेक वर्षाें से स्थानीय जनता पर अत्याचार किए जा रहे हैं तथा वहां की जनता उसके विरुद्ध निरंतर असंतोष व्यक्त कर रही है । अब भी पिछले २५ दिन से आंदोलन चल रहा है, तब कहीं जाकर संयुक्त राष्ट्र थोडे से जाग गए हैं ।