लखनऊ का तुरंत ही नाम परिवर्तन होगा !

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राज्य की राजधानी लखनऊ का नाम परिवर्तन करने के संबंध में वक्तव्य किया है । यहां पत्रकारों से बोलते हुए पाठक ने कहा कि लखनऊ के बारे में सभी जानते हैं कि यह लक्ष्मणजी की नगरी है ।

इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने छात्रों से वास्तविक इतिहास छुपाया ! – डॉ. एस.एल. भैरप्पा, ज्येष्ठ साहित्यकार

पाठ्यक्रम से भारत का विकृत इतिहास सिखाकर कांग्रेस ने युवा पीढी की अपरिमित हानि की है । उसकी भरपाई करने के लिए भाजपा सरकार, भारत के बुद्धीजीवी एवं विचारवानों को बडे स्तर पर प्रयास करना आवश्यक !

ऎसे संकेत मिले हैं जिससे ज्ञात होता है कि राम सेतु जैसी संरचना पहले अस्तित्व में थी !

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने राम सेतु को लेकर केंद्र सरकार के वक्तव्य की आलोचना की है । खेड़ा ने ट्वीट कर कहा कि सभी भक्त कान लगाकर सुनें और आंखें  खोल कर देखें; मोदी सरकार संसद में कह रही है कि राम सेतु का कोई साक्ष्य नहीं है ।

(अज्ञानी) पुरुष !

जब चित्रपट प्रदर्शित होगा, तब योग्य क्या है, यह आपके ध्यान में आएगा’, उस समय उन्होंने ऐसा कहा है; किंतु ‘अब जो कुछ परिवर्तन बताए जा रहे हैं, क्या आप वे करेंगे ?’, इस प्रश्न पर उन्होंने कुछ भी कहना स्वीकार नहीं किया ।

रामायण-महाभारत पर खोज करनेवाले प्रा. लाल !

ब्रज बसीलाल अर्थात पुरातत्वशास्त्रज्ञ और लेखक प्रा. बी.बी. लाल का जब निधन इसी महीने १० सितंबर २०२२ को हुआ, तब वे १०१ वर्ष के थे । उनका नाम श्रीरामजन्मभूमि अभियोग से जुडने पर अनेक लोगों को उनके विषय में जानकारी हुई ।

बदायूं (उत्तर प्रदेश) की जामा मस्जिद पहले का नीलकंठ महादेव मंदिर !-दीवानी न्यायालय में साक्ष्य (सबूत) के साथ याचिका प्रविष्ट

यहां की जामा मस्जिद पूर्व का नीलकंठ महादेव मंदिर होने के संदर्भ में यहां के दीवानी न्यायालय में याचिका प्रविष्ट की गई है । कुल ५ पक्षकारों ने मिलकर यह याचिका प्रविष्ट की है ।

पाठ्यपुस्तक में भारत के तेजस्वी इतिहास का समावेश करने का ठराव हिन्दू राष्ट्र संसद में एकमत से संमत !

मुगलों ने हिन्दुओं पर जो अत्याचार किए, उसका इतिहास विद्यालयीन पाठ्यक्रम में सिखाया जाना चाहिए । छत्रपति शिवाजी महाराज ने किस प्रकार से अफजल खान का वध किया और शाहिस्ते खान की उंगलियां काट दीं, यह हिन्दुओं के पराक्रम का इतिहास युवा पीढी को सिखाया जाना चाहिए ।

हिन्दुओं को ज्ञानवापी अपने अधिकार में लेना चाहिए ! – तस्लिमा नसरीन

देश के और विदेश के कितने मुसलमान सत्य इतिहास स्वीकार कर ऐसा बताने का साहस कर रहे हैं , ऐसा विचार किया, तो ‘एक भी नहीं’, ऐसा ही उत्तर मिलता है । इसका अर्थ यह है कि धर्मनिरपेक्षता और अन्य धर्मों का आदर केवल हिन्दुओं को करना चाहिए और अन्य हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों पर आघात करें , ऐसा ही होता है, यह बात हिन्दू कम से कम अब तो समझें ?

कुतुब मीनार और ताजमहल केंद्र सरकार हिन्दुओं को सौंपे ! -कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णन् की मांग

काँग्रेस की सरकार के समय काँग्रेस ने ऐसा क्यों नहीं किया और कृष्णन् ने इतने वर्ष यह बताया क्यों नहीं ?