पुणे के येरवडा पुलिस थाने के निरीक्षक अंजुम बागवान द्वारा हिन्दू-द्वेषी एवं समाज-विरोधी कृत्य ! – Milind Ekbote

समस्त हिन्दू आघाडी की कठोर कार्रवाई की मांग !

‘समस्त हिन्दू आघाडी’ के कार्याध्यक्ष श्री. मिलिंद एकबोटे निवेदन देते हुऐ

पुणे – यहां के येरवडा पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक अंजुम बागवान के पक्षपातपूर्ण एवं हिन्दू -विरोधी आचरण के विषय में ‘समस्त हिन्दू आघाडी’ के कार्याध्यक्ष श्री. मिलिंद एकबोटे ने पुलिस उपायुक्त को लिखित पत्र द्वारा गंभीर आरोप लगाते हुए उन पर तत्काल कठोर कार्रवाई करने की मांग की है । अंजुम बागवान पुलिस थाने में हिन्दू-मुसलमान ऐसा स्पष्ट भेदभाव कर रहे हैं तथा धर्मांध गुंडों एवं भू-माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं, ऐसा आरोप पत्र में लगाया गया है ; साथ ही अंजुम बागवान पर तत्काल निलंबन एवं वैधानिक कठोर कार्रवाई की मांग समस्त हिन्दू आघाडी के कार्यकर्ताओं ने की है ।

श्री. मिलिंद एकबोटे

पत्र के मुख्य एवं गंभीर आरोप

१. नागपुर चाल की विनयभंग पीडित हिन्दू महिला एवं उनकी माता को आबिद शेख तथा साहिल शेख के विरुद्ध परिवाद (शिकायत) पंजीकृत कराने में सहायता करने वाले अनिरुद्ध लष्करे एवं विक्रमसिंह राजपूत इन हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओं पर ही अंजुम बागवान ने झूठा अभियोग (मामला) पंजीकृत किया । इसके लिए रात्रि के समय पुलिस थाने में धर्मांध गुंडों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा गया । विनयभंग पीडित माता-पुत्री एवं उन्हें सहयोग करने वालों को मानसिक प्रताडना दी गई ।

२. श्री . विट्ठल जिवडे नामक हिन्दू व्यक्ति को धर्मांध मुसलमानों ने बेल्ट एवं लाठियों से बर्बरतापूर्वक पीटकर ‘मुसलमान बनने’ के लिए विवश किया था । इस प्रकरण में परिवाद पंजीकृत करने से बागवान ने स्पष्ट मना कर दिया, साथ ही पुलिस थाने में परिवाद देने गए श्री. गडकरी नामक हिन्दू व्यक्ति को ‘पॉक्सो’ का झूठा अभियोग पंजीकृत करने की चेतावनी दी । वर्तमान में गडकरी लापता हैं ।

३. शिवजयंती के दिन पटाखे चलाने के कारण बागवान ने स्वयं दौडकर जाकर एक हिन्दू बालक के हाथ से पटाखे छीन लिए तथा उसे अपशब्द कहे । यह कृत्य उनके मन में छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति द्वेष भावना का प्रतीक है ।

लव जिहाद एवं मादक पदार्थों की तस्करी को अनुमति !

कल्याणीनगर एवं परिसर के ‘आईटी पार्क’ में निरंतर ‘लव जिहाद’ की घटनाएं घटित हो रही हैं तथा शांतिरक्षक सोसाइटी एवं अन्य परिसरों में धर्मांध मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं का उत्पीडन किया जा रहा है, साथ ही कल्याणीनगर के पब से होने वाली मादक पदार्थों की बिक्री तथा रात्रिभर चलने वाले धर्मांध मुसलमानों के अवैध भोजनालयों (होटलों) को बागवान का राजाश्रय (संरक्षण) प्राप्त है ।

पदोन्नति अस्वीकार कर येरवडा में ही रहने का हठ !

अंजुम बागवान की पदोन्नति होने के उपरांत भी उन्होंने उसे अस्वीकार कर दिया है ; क्योंकि उन्हें येरवडा में ही रहकर राष्ट्रविरोधी प्रवृत्तियों को पोषित करना है, ऐसा भी गंभीर आरोप पत्र में लगाया गया है । पदोन्नति अस्वीकार करने वाले अधिकारी को कार्यकारी पद न दिया जाए, ऐसा शासकीय निर्णय है ; परंतु बागवान के प्रति अनुराग के कारण वरिष्ठ अधिकारियों ने उस ओर दुर्लक्ष किया होगा । बागवान के अनेक अपराध हैं । उसके विषय में साक्ष्य (प्रमाण) हैं ; परंतु जनता की चिंता न होने के कारण वरिष्ठ अधिकारी उन्हें संरक्षण दे रहे हैं । यह विषय अत्यंत गंभीर है ।

संपादकीय भूमिका

  • ऐसी मांग क्यों करनी पडती है ? कानून एवं व्यवस्था की रक्षा करने के स्थान पर अपने पद का दुरुपयोग कर हिन्दू -द्वेषी तथा समाज-विरोधी कृत्यों को बढावा देने वाले पुलिस अधिकारी समाज की शांति भंग कर रहे हैं । इसकी त्वरित जांच होकर उन्हें कठोर दंड तथा सेवामुक्त (बर्खास्त) करना आवश्यक है !
  • ऐसे हिन्दू-द्वेषी एवं संदेहास्पद आचरण वाले अधिकारी पर किसी का ध्यान कैसे नहीं है ? इन्हें संरक्षण देने वाले वरिष्ठ अधिकारियों की भी जांच होना आवश्यक है !