ज्ञानवापी मस्जिद के पहले दिन में ४० प्रतिशत सर्वेक्षण पूर्ण !

ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वेक्षण १४ मई को सुबह ८ बजे से दोपहर १२ बजे तक किया गया ।

भारत को ‘सनातन धर्म’के सिद्धांतों को पुनर्जीवित करना चाहिए ! – केरल, राज्यपाल, आरिफ खान

हिन्दू धर्म की शिक्षा देने की आवश्यकता होने का प्रतिपादन !

कुतुब मीनार क्षेत्र के २७ मंदिर गिराकर मस्जिद बनाई गई ! – पुरातत्वविद् के.के. मुहम्मद

मुसलमान आक्रांताओं ने देश के सहस्रों मंदिरों को गिराकर वहां मस्जिदें बनाई हैं, अब यह वास्तविकता भी उजागर होना आवश्यक !

‘कामसूत्र’ की भूमि पर लैंगिकता के विषय में सामाजिक चर्चा करने को अश्लील समझना अयोग्य !’

‘माई म्यूस’ कंपनी के प्रमुख का भारतीय संस्कृति के विरोध में विधान

कलुषित ‘विजन’ !

     शासन लोकतंत्र व्यवस्था का आधारस्तंभ है । हमारे देश में प्रत्येक ५ वर्ष में चुनाव होते हैं और शासनकर्ता बदल जाते हैं, तब भी प्रशासकीय कर्मचारी एवं अधिकारी वही होते हैं । शासनकर्ताओं द्वारा लागू की गई योजनाओं को कार्यान्वित करनेवाला प्रशासन ही होता है । अत: ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि … Read more

राष्ट्र के प्रति कर्तव्य निभाकर राष्ट्राभिमानी बनें !

हमारे राष्ट्र के तेजस्वी इतिहास और श्रेष्ठतम संस्कृति को हम समझ लेंगे, तो हममें हमारे राष्ट्र के प्रति अभिमान जागृत होगा । राष्ट्र के प्रति अभिमान होगा, मन में राष्ट्रप्रेम होगा, तो राष्ट्र के प्रतीकों के प्रति भी हमारे मन में आदर रहेगा ।

एनसीईआरटी ने विद्यालयीन पाठ्यपुस्तकों में राष्ट्रीय पुरुषों के चरित्र का भारी मात्रा में विकृतीकरण किया !

विविध माध्यमों द्वारा एनसीईआरटी द्वारा शिक्षा का विकृतीकरण अनेक बार उजागर होते हुए भी उसे विसर्जित क्यों नहीं किया गया ?

हिन्दुओं को देवताओं की मूर्तियां स्थापित कर पूजा का अधिकार देने की मांग, न्यायालय ने अस्वीकार की !

अतीत में की गई चूकें, वर्तमान और भविष्य की शांति भंग होने का आधार नहीं बन सकतीं ! ऐसा कह कर साकेत न्यायालय ने ‘प्लेसेस ऑफ वर्शिप १९९१’ इस कानून के आधारे कुतुबमिनार में २७ हिन्दू और जैन मंदिरों में पूजा का अधिकार मांगनेवाली याचिका अस्वीकार की !

पाक अधिकृत कश्मीर में ‘शारदा यात्रा’ पुन: प्रारंभ करने के लिए शारदा सेवा समिती का प्रयास !

यद्यपि यह एक विश्वविद्यालय है, किन्तु मंदिर की वार्षिक तीर्थयात्रा महाराजा प्रताप सिंह और रणबीर सिंह के शासनकाल के समय प्रसिद्ध हुई थी। १९४७ में विभाजन के उपरांत, तीर्थयात्रा बाधित हुई और मंदिर की उपेक्षा की गई।

(कहते हैं) ‘यदि इस्लाम का प्रसार तलवार के बल पर हुआ होता, तो भारत में एक भी हिन्दू शेष नहीं होता !’

कर्नाटक विधानसभा के भूतपूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता के आर. रमेश कुमार का दावा !