(इनकी सुनिए) ‘वैज्ञानिक शोध पुराणों में ही लिख कर रखे हैं, ऐसा कहनेवालों से बात कैसे करेंगे ?’

जिस क्षेत्र का हमें ज्ञान नहीं है, उसके विषय में अपनी अज्ञानता का प्रदर्शन तो न करें, यह सरल एवं सीधा सामाजिक नियम भी न जाननेवाले हिन्दूद्वेषी स्वयं का ही उपहास उडा रहे हैं !

भारत के वैचारिक विनाश का एक वस्तुनिष्ठ इतिहास !

अंग्रेजों की वृत्ति लेकर बनी नई भारतीय पीढियों ने ब्रिटिशों की किस प्रकार सहायता की ? तथा वे भारत के रक्तरंजित विभाजन का कारण कैसे बने, यह आज के इस लेख से समझ लेंगे ।

क्रूर कर्मी टीपू सुल्तान की जिहादी कट्टरता पर बनेगा ‘टीपू’ चलचित्र !

विश्व के समक्ष आएगा टीपू सुल्तान का काला इतिहास, इस पर नसरुद्दीन शाह, जावेद अख्तर आदि को पेट का दर्द हो, तो कोई आश्चर्य नहीं !

भारत के वैचारिक विनाश का एक वस्तुनिष्ठ इतिहास !

भारत का असत्य इतिहास सिखानेवाले अंग्रेजों द्वारा रचित षड्यंत्र को ध्वस्त करने के लिए शैक्षिक क्रांति होना अति आवश्यक !

अंग्रेजों ने भारत से कोहिनूर ही नहीं, अपितु पन्नाजडित करधनी (कमरबंद) २२२ मोतियों का हार एवं अन्य अलंकार भी लूटे थे !

क्या भारत सरकार ये अलंकार पुनः भारत में वापस लाने के लिए प्रयास करेगी ?

(इनकी सुनिए…) ‘मुगलों द्वारा ८०० वर्षों तक भारत पर शासन करने से उनका इतिहास मिटाया नहीं जा सकता !’

हिन्दुओं पर अत्याचार करनेवाले मुगलों से मुसलमान प्रेम व्यक्त करते हैं, तब भी ‘हिन्दुओं को मुसलमानों के साथ धर्मनिरपेक्षता से आचरण करना चाहिए’, ऐसी अपेक्षा करते हैं, यह संतापजनक !

शारदापीठ के लिए सर्व सुविधायुक्त कॉरिडोर बनेगा !

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की संसद में इसके लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया है । इससे भारत के भक्तों को श्री शारदामाता के दर्शन के लिए जाना सरल होगा ।

लोगों की भावनाएं आहत न हों; इसलिए कुतुब मीनार परिसर के देवी-देवताओं की मूर्तियां ठीक से रखें !

यह बात न्यायालयाल को क्यों कहनी पडती है ? यह पुरातत्व विभाग के ध्यान में क्यों नहीं आता ? सदा हिन्दुओं की ही धार्मिक भावनाएं आहत करनेवाला पुरातत्व विभाग अमान्य करें !

कोहिनूर हीरा लगा रानी का मुकुट ‘टावर ऑफ लंदन’ में प्रदर्शनी के लिए रखा जाएगा

पिछले वर्ष ब्रिटेन की रानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के उपरांत राजा चार्ल्स तृतीय की पत्नी रानी कंसोर्ट कैमिला को यह मुकुट सौंपा गया था ; लेकिन उन्होंने यह मुकुट पहनने से मना कर दिया था ।

छत्रपति संभाजीनगर का नाम पुनः ‘औरंगाबाद’ करने के लिए आरंभ भूख हड़ताल में दिखे औरंगजेब के भित्तिपत्र ! सांसद इम्तियाज जलील का श्रृंखलाबद्ध अनशन !

छत्रपति संभाजी महाराज की अत्यंत बर्बरता से हत्या करनेवाला, लाखों हिन्दुओं की निर्मम हत्या का अपराधी तथा हजारों मंदिरों का विध्वंस करनेवाला औरंगजेब, इस इम्तियाज जलील को कितना ‘प्रिय’ है, यह इस अनशन से स्पष्ट हो गया है ।