Sri Ram Sena Protests : बेलगावी में अली खामेनी के पोस्टर लगे : श्रीराम सेना का तीव्र विरोध !

खामेनी के पोस्टर क्यों लगाना बेलगावी भारत में है या पाकिस्तान में ? कांग्रेस की सत्तावाले कर्नाटक में ऐसी घटनाएं होना आश्चर्यजनक नहीं है !

Washroom Signage Controversy : निजी सभागार के शौचालयों के बाहर दिशासूचक के रूप में छत्रपति शिवाजी महाराज तथा महारानी पद्मिनी के चित्रों का उपयोग

क्या शौचालय में दिशासूचक के रूप में दिखाने के लिए हिन्दुओं के महान पुरुषों के ही चित्र मिले ? हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने का यह एक सुनियोजित प्रयास है ।

Karnataka Stone Pelting : मुख्यमंत्री सिद्धरामैया द्वारा समाजकंटकों पर कार्रवाई का आश्वासन !

बागलकोट (कर्नाटक) में शिवजयंती शोभायात्रा पर मस्जिद से पथराव का प्रकरण l

Shiv Jayanti Violence : बागलकोट (कर्नाटक) में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती की शोभायात्रा पर मस्जिद से पथराव !

कर्नाटक तथा तेलंगाना इन दोनों राज्यों में कांग्रेस अर्थात मुगलों के वंशजों का शासन होने के कारण, वहां शिवजयंती की शोभायात्रा पर आक्रमण होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है !

धर्म की रक्षा करने हेतु घर-घर में छत्रपति शिवाजी महाराजजी के जन्म लेने की आवश्यकता ! – श्रीमंत मुधोजी राजे भोसले

दुर्ग (छत्तीसगढ) में ‘शौर्यजागृति प्रशिक्षण शिविर’ में १ सहस्र से अधिक प्रशिक्षणार्थियों का सहभाग

धर्म की रक्षा करने हेतु घर-घर में छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्म लेने की आवश्यकता ! – श्रीमंत मुधोजीराजे भोसले

दुर्ग (छत्तीसगढ) में २ दिवसीय अनिवासी ‘शौर्य जागृति प्रशिक्षण शिविर’ का समापन l
१ सहस्र से अधिक युवकों ने स्वरक्षा के साथ राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा का लिया संकल्प !

सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव से दिल्ली में परिवर्तन आरंभ !

जिस इंद्रप्रस्थ में कुछ शताब्दी पूर्व हिन्दू धर्मी पांडव रहते थे, वह दिल्ली मुगल इस्लामी आक्रमणकारियों के अत्याचारों, नरसंहार, साथ ही अनाचार के कारण अशुद्ध हो गई थी । इस महान आध्यात्मिक शक्ति वाले महोत्सव से उसे शुद्ध करने का कार्य सिद्ध हुआ !

बेलगाम में ‘पुण्यश्लोक छत्रपति श्री शिवाजी महाराज उड्डाणपुल’ नाम की पट्टिका को हटाने के लिए कन्नड संगठनों ने बाध्य किया !

 छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम केवल मराठी में लिखा है इसलिए विरोध करने वाले कन्नड संगठनों पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए !

राष्ट्रीय स्तर के समाचारपत्रों में लिखितरूप से क्षमायाचना प्रकाशित करें !

‘ऑक्सफर्ड युनिवर्सिटी प्रेस इंडिया’ने वर्ष २००३ में जेम्स लेन लिखित ‘शिवाजी : द हिन्दू किंग इन इस्लामिक इंडिया’, यह पुस्तक प्रकाशित की थी । उसके कुछ परिच्छेद एवं अवतरण छत्रपति शिवाजी महाराज एवं राजमाता जिजाऊ की प्रतिमा धूमिल करनेवाले तथा अनादर करनेवाले थे ।

James Laine Book Apology : ‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस’ नामक पुस्तक प्रकाशन संस्था द्वारा सार्वजनिक क्षमायाचना !

जेम्स लेन के पुस्तक में राजमाता जिजाऊ के विषय में विवादास्पद लेखन का प्रकरण !