Karnataka Stone Pelting : मुख्यमंत्री सिद्धरामैया द्वारा समाजकंटकों पर कार्रवाई का आश्वासन !

बागलकोट (कर्नाटक) में शिवजयंती शोभायात्रा पर मस्जिद से पथराव का प्रकरण

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामैया

बागलकोट (कर्नाटक) – १९ फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती उत्सव के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा पर नगर की एक मस्जिद से पथराव किया गया। इस घटना की कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने तीव्र निभर्त्सना की है। उन्होंने ‘एक्स’ के माध्यम से राज्य की जनता से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है, “इस घटना की निष्पक्ष जांच कर इस दुष्कृत्य में सम्मिलित समाजकंटकों को कानून के अनुसार कठोर उत्तर देने के निर्देश मैंने पुलिस अधिकारियों को दिए हैं।”

शिवजयंती शोभायात्रा पर हुए इस पथराव की घटना पर हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने भी तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने मांग की है कि इस प्रकरण में दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। (यदि हिन्दू अपनी संगठित शक्ति का प्रदर्शन करें, तो धर्मांधों में इस प्रकार आक्रमण करने का साहस नहीं होगा। अतः हिन्दू -संगठन ही समय की वास्तविक आवश्यकता है ! – संपादक) बागलकोट जिले के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल ने जानकारी दी है कि इस प्रकरण में अब तक ८ लोगों को बंदी बनाया गया है।

शिवजयंती शोभायात्रा पर पथराव एक देशद्रोही कृत्य ! – प्रमोद मुतालिक

श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक

बेंगलुरु – छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा पर बागलकोट के किल्ला ओणी क्षेत्र में मस्जिद से हुए पथराव पर श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। मुतालिक ने कहा है, “शिवजयंती शोभायात्रा पर पथराव करना एक देशद्रोही कृत्य है।” इस घटना में पुलिस अधिकारी भी घायल हुए थे। मुतालिक ने मांग की है कि शोभायात्रा पर पथराव करने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी ही चाहिए।

संपादकीय भूमिका

यद्यपि मुख्यमंत्री कह रहे हैं, तथापि कर्नाटक में कांग्रेस का, अर्थात् मुगलों के वंशजों का शासन होने के कारण वहां शिवजयंती की शोभायात्रा पर आक्रमण करने वालों पर कार्रवाई होने की संभावना अत्यंत अल्प है ! संतप्त हिन्दुओं को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री ऐसे खोखले आश्वासन दे रहे हैं !